जौहरी – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

जब सगाई का सामान लेकर आए श्वेता के होने वाले सास- ससुर को विश्वंभरनाथ जी ने  शगुन का लिफ़ाफ़ा पकड़ाया तो उन्होंने माथे से लगाकर मेज़ पर रखते हुए कहा —- हमारे ख़ानदान में लेने- देने की जगह रिश्तो में प्यार  औरअपनापन  हो , इस बात पर ज़्यादा ध्यान दिया जाता है।आप अपने जीवन की … Read more

तपस्या – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

कमरे में चारों ओर फूलों की सुगंध फैली थी । बेड के सामने रखी मेज पर लाल गुलाब के बुके रखे थे । आज बत्तीस साल की नौकरी के बाद पवित्रा रिटायर हुई थी । उसने हाथ में पकड़ा गर्म दूध का गिलास बराबर की साइड टेबल पर रखा और आराम से अधलेटी हो गई … Read more

सहयोग – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

सारंधा , तुम इतनी जल्दी सोने के लिए पहुँच गई, कमाल हो गया भई ! आज सास बहू की रात्रि- बैठक  नहीं हुई क्या ? मेरे सिर में बहुत दर्द है, प्लीज़ चुप रहो । ज़रा पैरों पर कंबल डाल देना …मैं सो रही हूँ ।  इतना कहकर सारंधा आँख बेद करके लेट गई । … Read more

पहचान – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

मम्मी! मुझे भी रोटी पर मक्खन खाना है । चाची ने मीनू दीदी को मक्खन दे दिया और मुझे नहीं….. कोई बात नहीं गीतू , अच्छा ये तो बता …. तुम्हारे पेपर ख़त्म हो जाएँगे ना आज ? फिर कल तो गीतू मामा के घर जाएगी । जाओ ,  स्कूल बस आने  वाली होगी ।  … Read more

दूसरी रसोई – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

माँ, अगर मेरी पत्नी की जगह आपकी बेटी होती तो क्या आपका तब भी  इतनी सी बात पर यही फ़ैसला होता कि एक घर में दो रसोई बना दी जाएँ ?  मुझसे बहस करने की ज़रूरत नहीं है । मैं तो बेटी मानकर इसे घर में लेकर आई थी और बेटी मानकर ही समझाती हूँ … Read more

सुकून – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

दीदी ,  आप  इतनी देर से क्या ढूँढ  रही है इस अलमारी में?  पूरा घंटा बर्बाद हो गया…. मैंने पूरी अलमारी तीन-तीन बार छान डाली पर साड़ी नहीं मिली । माँ की एक पिंक साड़ी ढूँढ रही हूँ , नानी की निशानी है ।  पिंक साड़ी? सफ़ेद मोतियों वाली ? जो माँ के पास नानी … Read more

बड़ी बहू – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

निखिल! सबसे पहले तुम दोनों बड़ी बहू का आशीर्वाद लेकर आओ फिर मंदिर में दीया जलाना ।  बड़ी बहू- यह शब्द सुनते ही परिधि के कान खड़े हो गए । निखिल ही तो बड़ा बेटा है पूरे परिवार में यानि दोनों चाचा ससुर, दोनों बुआ सास , यहाँ तक कि ननिहाल की तरफ़ भी सबसे … Read more

मार्गदर्शन – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

पारो !  क्या हो रहा था बराबर वाले घर में सुबह- सुबह….  मेरी जेठानी की  ऊँची- ऊँची आवाज़ें आ रही थी कि  बेटा , इतने जतनो से पाला और इस कल की आई के लिए हमें छोड़कर जा रहा है ।  अमित कहीं चल पड़ा या सुमित  ? अच्छा हुआ…. इनके साथ ऐसा ही होना … Read more

आशंका – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

मानसी , कल विदाई के समय पता नहीं …जी भरके गले लगा पाऊँ या नहीं; अपना ध्यान रखना बहन । अब तो न जाने कब मिलना होगा? देवेश ने अपनी छोटी बहन मानसी के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद देते हुए कहा । पर क्यों मिलना नहीं होगा  भैया ? आप दीदी के पास भी … Read more

वक़्त की सीख – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

ताईजी..ताईजी….ताईजी…. बैठिए, थोड़ा सा सूप पी लीजिए। मन नहीं है बेटा, रख दे । बाद में पी लूँगी । नहीं ताईजी, गर्म- गर्म पी लीजिए । आपने सुबह से कुछ नहीं खाया । आपके सामने ही  डॉक्टर साहब ने कहा था कि कुछ न कुछ खाते रहना । और ताईजी, बिना खाए- पिए तो दवाई … Read more

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