रिश्ता निस्वार्थ प्रेम का । – अंजना ठाकुर  

ये क्या मां आप कमला को दस लाख रुपए दे रही हो दिमाग खराब हो गया क्या तुम्हारा राजीव अपनी मां सुधा जी से गुस्से से बोला।सुधा ने राजीव से चेक बुक निकलवाई और उसमें रकम भरी जिसे देख राजीव बौखला गया। सुधा बोली शुक्र करो दस लाख ही कर रही  वो तो ममता आड़े … Read more

वो अभी भी तुम्हारी मां पहले है।। – अंजना ठाकुर : Moral Stories in Hindi

सुरभि को ससुराल आए दो साल हो गए है ससुराल मैं पति ,सास,ससुर और एक  ननद है परिवार मै सभी के बीच बहुत प्यार है सुरभि को कभी ऐसा नहीं लगा कि वो दूसरे घर मैं है मायके मैं माता पिता और एक छोटी बहन है ।बस एक ही शिकायत है कि सुरभि के पति … Read more

दूसरी सीढ़ी।। – अंजना ठाकुर : Moral Stories in Hindi

भाभी आप इतना सब कुछ कैसे सह लेती है मां आपको कितना बेइज्जत करती है और कोई होता तो कब का अलग हो जाता जबकि मां इतनी लाचार है अब तो उन्हें आपकी जरूरत महसूस होनी चाहिए। मीनू कल ही मायके आई थी अपनी मां को देखने अपनी भाभी राशि की मां के प्रति सेवा … Read more

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