ढलती उम्र का साया
सुबह का समय था। रसोई में रिया टिफिन पैक कर रही थी। रवि ऑफिस जाने की जल्दी में तैयार हो रहा था। उसने ऊँची आवाज़ में कहा —“रिया, मेरा टिफिन तैयार हो तो जल्दी दो। मुझे देर हो रही है।” रिया ने टिफिन आगे बढ़ाते हुए धीरे से कहा —“सुनिए, क्या आज भी आप पापा … Read more