ईर्ष्या – सीमा सिंघी : Moral Stories in Hindi

 अरे ओ जग्गू पार्वती गुड़िया कहां हो तुम सब?? कहीं दिखाई नहीं दे रहे हो। अभी तो खाना पकाने का समय है, तो चूल्हे में आग क्यों नहीं है?? यह चूल्हा ठंडा क्यों पड़ा है?? जेठानी लीला की आवाज सुनकर घर के पिछवाड़े का आंगन बुहारना छोड़ कर पार्वती जेठानी लीला के पास आकर कहने … Read more

“खुशी मिली इतनी की मन में ना समाये – सुनीता मौर्या “सुप्रिया” :

Moral Stories in Hindi “मम्मी…मम्मी…मम्मी जीईईई…कहां हो आप?” दस साल का पल्लव खुशी से अपनी मां को पुकारता हुआ घर मे दाखिल हुआ।   हाथ में सूखे कपड़ों का ढेर लिये  सीढियों से उतरती मैथली झुंझलाते हुए पूछती है,”क्या हुआ जो इतना बेसब्रा हुआ जा रहा है, छत पर गई थी सूखे कपड़े उठाने?” पल्लव हाथ … Read more

पत्नी की चतुराई – शुभ्रा मिश्रा : moral stories in nindi

आज दस दिन मायके मे रहकर नम्रता अपने घर लौट रही थी।गाड़ी अभी गंतव्य से एक स्टेशन पहले ही थी, तभी नम्रता नें अमर को फोन कर दिया था कि स्टेशन पर गाड़ी पहुंच रही है, तुम कहा हो? अमर नें कहा कि गाड़ी अभी तो एक स्टेशन दूर है। नम्रता को लगा कि वह … Read more

ईर्ष्या की छाया से उजाला – डॉ० मनीषा भारद्वाज : Moral Stories in Hindi

मुंबई की उमस भरी गर्मी में ‘कॉफी कॉर्नर’ की ठंडी हवा भी अरुण के मन की गर्मी को शांत नहीं कर पा रही थी। उसकी नजरें टेबल के दूसरी ओर बैठे विवेक पर टिकी थीं, जो अपनी नई कार की चाबियों को उत्साह से घुमा रहा था। वह चाबी सिर्फ धातु का टुकड़ा नहीं थी, … Read more

अनकही गंध – डॉ० मनीषा भारद्वाज : Moral Stories in Hindi

सुबह का सूरज अभी आँखें मल ही रहा था। हवा में कसैली सर्दी और डीजल इंजनों की तीखी गंध घुली हुई थी। छोटे से शहर के स्टेशन पर, प्लेटफॉर्म नंबर दो के पास, करमचंद का चाय का ठेला जैसे सिसकती हुई दुनिया में एक ऊष्मा का केंद्र था। उसके बर्तनों से निकलती भाप, जीवन की … Read more

ईर्ष्या – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

रामलाल जी एक रिटायर्ड अध्यापक थें। उन्होंने अपने अध्यापन के कार्यकाल में कितने ही बच्चों की पढ़ाई का खर्चा भी उठाया था। जो बच्चे स्कूल की फीस भरने में सक्षम नहीं थे। पढ़ाई में कमजोर बच्चों को भी कक्षा से अलग भी पढ़ा देते थे। स्कूल के बच्चे उनका बहुत सम्मान करते थे। कई बच्चे … Read more

 “जहाँ दीवारें मुस्कुराती हैं” – रेखा सक्सेना : Moral Stories in Hindi

श्रेया और विभोर की शादी कॉलेज लव स्टोरी का हैप्पी एंडिंग थी। दोनों ने ज़िंदगी का नया सफर बड़े जोश और उमंग से शुरू किया। शादी के बाद कुछ समय घूमने-फिरने में बीता, फिर दोनों अपनी-अपनी मल्टिनेशनल कंपनियों की जिम्मेदारियों में लौट आए। पुणे में उन्होंने एक खूबसूरत सा बड़ा फ्लैट किराए पर लिया था। … Read more

नज़र का टीका – रोनिता कुंडु : Moral Stories in Hindi

अरे काजल! यह रंग की साड़ी ले आई तुम? तुम्हारे रंग को यह जचेगी नहीं, यह तो मेरे जैसी गोरी चिट्टी रंग पर फबेगी, कम से कम एक बार अपने ऊपर लगाकर तो देख लेती खरीदने से पहले? तुम्हारे माता-पिता ने बड़े सोच समझकर तुम्हारा नाम रखा है  जैसा नाम वैसी सूरत, पता नहीं देवर … Read more

बहू मुझे तुमसे ईर्ष्या होती हैं। – अर्चना खण्डेलवाल : Moral Stories in Hindi

शकुन्तला जी मंदिर से पूजा करके उठी और रसोई में आकर चाय का कप लिया और पीने लगी, चाय उन्होंने पहले ही दो कप बनाकर रख दी थी,अपने पति ओमी जी को चाय का प्याला देकर वो मंदिर में पूजा करने चली गई थी, कभी गर्म चाय पी ही नहीं थी तो अब आदत ही … Read more

अंधी दौड़ – रश्मि झा मिश्रा  :

Moral Stories in Hindi “सुबह से चार घंटे हो गए… अभी तक एक भी ढंग का वीडियो नहीं बन पाया यार… आज का वीडियो थीम ही बीच साइड का था…!” ” एक काम कर ना… चल कहीं और बनाते हैं… बैकग्राउंड डाल देंगे…!” ” रियल नहीं लगेगा ना… ऊपर से मम्मी यार… बार-बार फोन करके … Read more

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