इस गुनाह की माफी नहीं – बबीता झा
राकेश अपने परिवार से बहुत प्यार करता था। रिया पर तो वह अपनी जान निछावर करता था। रिया उसकी छोटी, लाडली बहन थी, जो शादी के लायक हो गई थी, फिर भी घर में इतनी उछल-कूद करती थी मानो दो-तीन साल की बच्ची हो। राकेश के डर से उसके मम्मी-पापा, यानी अवधेश और आकांक्षा भी … Read more