प्यार का एहसास – रश्मि वैभव गर्ग

प्रेम एक अनुपम एहसास है, जिसे लफ़्ज़ों में पिरोना संभव ही नहीं ।जीवन बगिया में प्रेम की नमी हो तो जीवन में वसंत लहलहाता रहता है ।

यूँ तो प्यार किसी दिन , महीने का मोहताज़ नहीं होता,लेकिन फिर भी फ़रवरी को माह ए इश्क़ कहा जाता है । इस महीने से जुड़ी मेरी भी एक दिलचस्प याद है ,जो मेरे मन में आज भी प्यार के एहसास को ज़िंदा रखे हुए है ।

मेरे पति ही मेरे जीवन का पहला प्यार थे । कर्तव्यों और दांपत्य के सामंजस्य में कब दिल भी जुड़ जाते हैं ,पता ही नहीं चलता ।

मेरी शादी राजस्थान के कोटा शहर में हुई थी । चूँकि जाड़ों में राजस्थान, पर्यटन का मुख्य केंद्र रहता है इसलिए हमने भी पहला वैलेंटाइन , झीलों के शहर उदयपुर में सेलिब्रेट करने का प्रोग्राम बनाया ।

हमलोग संयुक्त परिवार में रहते थे ,इसलिए कभी कभी मिली आज़ादी मन में नई उमंग देती थी । मेरे पति बहुत धार्मिक थे ,इसलिए हमने पहले श्रीनाथ जी के दर्शन किए । वहाँ एक बड़ी उम्र की महिला ने हमें देखकर कहा ,आप दोनों की जोड़ी बहुत अच्छी है । सुनकर रोम रोम पुलकित हो गया ।

फिर हम वैलेंटाइन डे पर उदयपुर पहुँचे जहाँ मेरे पति ने मुझे कीमती उपहार दिलाए । साँझ ढलने लगी और हम झीलों की नगरी घूमने लगे ।रात्रि भोजन के बाद जब हम लोग अपने कमरे में पहुँचे तो ,मुझे मेरी तबीयत ठीक नहीं लगी । मैंने अपने पतिदेव से कहा कि मेरे सर में दर्द हो रहा है ,

तो उन्होंने कहा कि मुझे भी बहुत तेज सर दर्द हो रहा है । शायद हम लोगों को सर्द हवाओं की वजह से परेशानी हुई थी । चूँकि हमारा रिसोर्ट शहर से दूर था ,तो मैंने अपने पति से कहा कि देखती हूँ मेरे पर्स में कोई दवा हो । देखा तो मेरे पर्स में एक ही गोली थी ।

मैंने अपने पति से कहा दोनों आधी आधी ले लेते हैं । मेरे पति देव कुछ देर चुप रहकर बोले, मेरा तो सर दर्द अब कम हो गया है इसलिए तुम पूरी गोली खा लो । मुझे एक कप चाय से ही राहत मिल जाएगी । मैं अपन दोनों के लिए चाय ऑर्डर कर देता हूँ ।

उनका प्यार और त्याग देखकर मेरा मन उनके लिए कृतज्ञता से भर गया । मुझे पता था कि उनको भी सर दर्द है लेकिन वो अपनी तकलीफ़ दरकिनार करके मुझे राहत देना चाहते थे ।

उनका प्यार और त्याग देखकर मैंने प्यार के असल महत्त्व को समझा, कि प्यार सिर्फ़ बंधन नहीं ये वो एहसास है जो अपने से ज़्यादा दूसरे की परवाह करना सिखाता है ।

वैलेंटाइन डे का वो प्यार मुझे आज भी भुलाए नही भूलता है, क़ीमती उपहारों से कहीं ज़्यादा ख़ूबसूरत उपहार ,मुझे ये लग रहा था जो सचमुच बेशक़ीमती था ।

प्यार एक अनुभूति है जो जीवन में सतरंगी एहसास भर देती है । प्यार में शब्दों से ज़्यादा गहरी उसकी अनुभूति है ।

जीवन में सच्चा प्यार सौभाग्य से ही मिलता है । यदि एकबार मिल जाये तो उसकी महक ताउम्र जीवन बगिया को महकाये रखती है ।

अपने वैलेंटाइन का साथ होना सौभाग्य है, लेकिन उसके न होकर भी उसकी महक होना दुर्भाग्य में भी सौभाग्य है । मेरे पति, आज इस दुनियाँ में नहीं, लेकिन उनके प्यार की महक मेरे जीवन जीने के लिए काफ़ी है ।

अप्रकाशित, मौलिक

रश्मि वैभव गर्ग

कोटा

#पहला प्यार

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