*कुछ घंटे पहले* – तोषिका

मेरे साथ ही ऐसा क्यों किया आपने भगवान। क्या गलती कर दी ऐसे की आपने ऐसी सजा दे दी। सीमा चिला चिला कर हॉस्पिटल में स्थापित मूर्ति के आगे रो रो कर पूछ रही थी, तभी वहां पर उसके पिता आए और अपने आंखों से अश्रु पूछते हुए बोले *विधि का विधान कोई टाल नहीं सकता है* बेटा। जो होना था हो गया।

शायद यही भगवान की मर्जी थी। सीमा ने अपने पिता की तरफ मुड़ कर देखा और रोते हुए बोली, बचपन से आपने यही सिखाया है पिताजी की सब ऊपर वाले की मर्जी से होता है और वो जो भी करता है सोच समझ के करता है, हमारे भले के लिए करते है। तो इसमें उन्होंने क्या भला देखा? 

सीमा बोल ही रही थी पर कुछ बोल नहीं पाई जैसे आवाज़ ही गले में ही अटक गई हो और फूट फूट के रोने लगी।

अपने आप को चुप करते हुए बोली कि ऐसा क्या भला देखा उन्होंने की उन्होंने मुझसे मेरी जान से बढ़कर मेरे खुशी मेरी मां और मेरे पति को मुझसे दूर ले गए वो।

दरअसल 5 दिन पहले सीमा अपने पिताजी, माताजी और अपने पति के साथ घूमने जा रहे थे, सामने से रॉन्ग साइड से एक गाड़ी आ रही थी जिसके चलते सीमा के पति ने गाड़ी का स्टीयरिंग व्हील घुमाया पर गाड़ी जा के एक खंभे से टकरा गई और तभी उसी जगह उसकी मां का देहांत हो गया और वहा से रहा गुजरते लोगों ने उनकी मदद कर उनको हॉस्पिटल में भर्ती कराया।

आज जब सीमा को होश आया तो उसने अपने पिता को वहां बैठा देख पूछती है “पिताजी आप ठीक तो है ना? और ये मां कहा है और राज (सीमा के पति) भी कही दिखाई नहीं दे रहे है।

पिता जी को डॉक्टर की बात ध्यान आई कि सीमा मां बनने वाली है और उसकी हालत नाजुक है तो वो ये सदमा बर्दाश नहीं कर पाएगी। ये सब वो सोच ही रहे थे

कि सीमा बोली कहा खो गए आप पिता जी, बताइए न कहा है मां और राज? दोनों ठीक तो है ना? पिताजी बोले बेटा तू टेंशन मत ले सब सही है तू अपना ध्यान रख और अब तुझे सिर्फ अपना नहीं अपने होने वाले बच्चे का भी ध्यान रखना है।

सीमा भावुक हो गई और बोली कि पिताजी इसका मतलब आप नाना बनने वाले और मैं मां। मां भी बहुत खुश हो रही होगी आखिर उनका प्रापमोशन मां से सीधा नानी जो होने वाला है। यह सुनते ही सीमा के पिता की आँखें भर आई। पर अपने आप पर काबू रख कर बोले तेरी मां भी बहुत है। चल तू आराम कर मैं डॉक्टर को लेके आता हू।

सीमा आराम करने की कोशिश कर रही थी पर उसको बेचैनी सी हो रही थी तो वो अपने कमरे से बाहर निकल कर अपने पिता को देखा कि वो डॉक्टर से बात कर रहे है। उसने जब सुना तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई हो और वो वही गिर गई।

उसके पिता और डॉक्टर उसको उठा के कमरे में ले जा रहे होते है कि वो बेहोश हो जाती है।

राज बोलता है “मैं हू तुम्हारे साथ, और हमेशा रहूंगा” ये बोलते ही राज, सीमा के आगे से गायब हो जाता है, तभी सीमा एक दम से झटके से उठकर बोली राज मुझे छोड़ कर मत जाओ और वो अपने आप को हॉस्पिटल के बेड पर देख के रोने लगती है। उसके पिता कहते है मैं जानता हू तुम किस दौर से गुजर रही हो पर तुम्हे अपने होने वाले बच्चे का ध्यान रखना होगा।

*10 महीने बाद*

सीमा को एक छोटी सी बेटी हुई जिसका नाम उसने रोशनी रखा और उसके नैन नक्श सब राज से मिलते है और ऐसा लगता है जैसे राज ही वापस आए है अपनी सीमा के लिए।

लेखिका

तोषिका

#*विधि का विधान कोई टाल नहीं सकता…*

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