धोखेबाज़ कौन? – मीनाक्षी गुप्ता

राहुल की लग्जरी कार जैसे ही सिग्नल पर रुकी, अचानक उसकी आँखें सड़क पार जा टिकीं। उसने देखा कि उसकी प्रेमिका किसी दूसरे लड़के के साथ बाहों में बाहें डालकर घूम रही है। उसे बहुत दुःख हुआ, उसका दिल टूट गया।

“धोखेबाज़ लड़की! हद है! मेरे जैसे सच्चे आशिक़ को यह सिला मिला? मैंने इस पर अपनी मेहनत की कमाई लुटाई, कितने सारे गिफ़्ट दिए! और यह है इसकी औकात? इतना सब कुछ देने के बाद भी कोई और? लगता है कोई मुझसे ज़्यादा पैसे वाला मिल गया है। सही कहा है, ये लड़कियाँ सिर्फ़ पैसों के पीछे भागती हैं, वफ़ादारी इन्हें छूकर भी नहीं गुज़री है,” उसने मन ही मन सोचा।

तभी अचानक उसकी पत्नी जो उसके साथ कार में बैठी थी, उसने पूछा, “क्या हुआ राहुल, तुम कुछ अपसेट दिखाई दे रहे हो? कोई परेशानी वाली बात है क्या?”

उसने अपनी पत्नी का हाथ पकड़कर बहुत प्यार से कहा, “कुछ नहीं डार्लिंग।”

समाप्त 

© मीनाक्षी गुप्ता 2025

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