साज़िश – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

वाहहह प्रियंका तुमने तो बहुत बढ़िया साज़िश रच दी ……अपने पियक्कड़ भाई के साथ मानवी की शादी करा दी ……. तुम्हें पता था ना कि तुम्हारा भाई कैसा है ………फिर भी मेरी फूल सी बच्ची मानवी के लिए ………उसका रिश्ता लेकर आ गई ……..रमणी प्रियंका को ताना मार रही थी क्योंकि ……..कुछ देर पहले ही मानवी ने रोते हुए फोन पर बात की थी ।

जब भी मानवी का फोन आता था ……..रमणी उसे इसी तरह ताने देकर कहती थी कि …….तुमने मेरी बेटी के खिलाफ साज़िश रची है ।

सुबोध ने ऑफिस से आकर चाय पिया और प्रियंका से बातें करने लगा यह उसका रोज का काम था तब……. प्रियंका अपनी आँखें नम करते हुए बिना किसी भूमिका के कहती है ….. सुबोध आप सब आलोक से मिले …….उनसे बातें की मानवी ने भी ……. उससे अलग से बात की और सबकी रज़ामंदी से ही यह शादी हुई और आज मानवी रोते हुए फोन करती है और …….आपकी माँ मुझसे कहती है कि ……….मैंने साज़िश करके मानवी की शादी आलोक से करवाई ।

मुझे समझ में नहीं आता है कि …….इस साज़िश से मुझे क्या फायदा होगा । आलोक भी सोचता है कि प्रियंका ने सही तो कहा है …….. हम सबने देख कर ही ……..मानवी की शादी आलोक से की थी तो ……..प्रियंका अकेली इसकी ज़िम्मेदार कैसे हो सकती है …….. प्रियंका उसे सोचता हुआ छोड़कर ॰॰॰॰॰॰ वहाँ से उठकर रसोई में चली गई और खाना बनाते हुए ॰॰॰॰॰ सोचने लगी थी कि कैसे एक साल पहले उसकी शादी सुबोध से हुई ॰॰॰॰॰॰ उसने एम एस सी कम्प्यूटर साइंस में मास्टर्स किया था और ॰॰॰॰॰॰कॉलेज में लेक्चरर के पद पर कार्यरत थी ….. शादी के बाद भी ॰॰॰॰॰॰॰॰ ससुराल वालों की रज़ामंदी पर उसने अपनी नौकरी नहीं छोड़ी थी ॰॰॰॰॰॰॰॰ सुबोध  भी इंजीनियरिंग की पढ़ाई करके ॰॰॰॰॰ एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करता था ।

 प्रियंका की एक बहन है जो ॰॰॰॰॰॰॰ डॉक्टर की पढ़ाई कर रही है ॰॰॰॰॰॰॰ उसका छोटा भाई आई आईटी में ॰॰॰॰॰॰॰ प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था ।

जब वह शादी करके आई तो ॰॰॰॰॰॰ उसने देखा कि मानवी बारहवीं की परीक्षा देकर बिना पास हुए ही ॰॰॰॰॰॰॰ घर पर बैठी हुई थी और दिनभर फोन पर सहेलियों से चैटिंग करना , मूवी देखने जाना ॰॰॰॰॰॰॰ घर रात को देर से आना यही करती रहती थी ।

सास रमणी कुछ नहीं कहती थीं ॰॰॰॰॰॰॰॰ उनका तो यही कहना होता था कि शादी हो जाएगी तो सब सीख जाएगी ।

 रमणी आसपास के लोगों से भी शान से कहती थी कि ॰॰॰॰॰॰॰ हम तो अपनी बच्ची को नाजों में पाल रहे हैं ॰॰॰॰॰॰॰ देख लेना आप लोग हमारी बेटी महलों में राज करेगी ।

प्रियंका घर के काम करके कॉलेज जाती थी …….. वहाँ से आकर फिर काम करती थी …….लेकिन मजाल है कि मानवी कभी सहायता करने आ जाए ।

मानवी के लिए जितने भी रिश्ते आते थे……… वे यह कहकर चले जाते थे कि …..हमें पढ़ी लिखी नौकरी करने वाली लड़की चाहिए……. एक दिन

प्रियंका ने मानवी से कहा कि अपनी पढ़ाई पूरी करले अच्छा होगा परंतु मानवी के सिर पर…….. जूँ तक नहीं रेंगी …….उसने भाभी की बातों पर ध्यान नहीं दिया । प्रियंका ने भी उस पर दबाव नहीं डाला !

एक दिन प्रियंका से उसकी चाची बात कर रही थी कि……. आलोक के लिए लड़का देख रहे हैं बेटा तेरी नज़र में कोई अच्छी सी लड़की है तो बता देना हमें नौकरी करने वाली लड़की नहीं चाहिए…… अपना घर अच्छे से सँभाल ले यही बहुत है ।

सुबोध ने सुनते ही कहा था कि॰॰॰॰.. प्रियंका मानवी के लिए बात चलाते हैं । तुम्हारा भाई है तो लड़का अच्छा ही होगा । प्रियंका ने घर में सबकी इजाज़त से चाची से बात की थी । सास और ससुर दोनों चाची के घर गए उनसे बातचीत की और उनके घर बार और हैसियत को देखकर बहुत खुश हो गए थे । उन्हें लगा जैसा घर अपनी बेटी के लिए चाहते थे , ठीक वैसा ही घर उन्हें मिला है ।

मानवी कुछ दिनों तक ससुराल में रही फिर वह आलोक के साथ मुंबई चली गई । वहाँ जाने के बाद से रोज अपनी माँ को उसके पास से फोन आते थे और वह आलोक की शिकायत करती रहती थी ……… कभी कहती थी कि आलोक पीकर रात को देर से आता है , तो कभी कहती है कि वह मेरी कद्र नहीं करता है , मुझे घुमाने नहीं ले जाता है जैसी बहुत सारी इसी तरह की शिकायतें होती रहती थी ।

उस दिन प्रियंका कॉलेज जाने के लिए निकलने के लिए मेनडोरओपन करती है ॰॰॰॰॰ कि नहीं उसे आश्चर्य हुआ था कि ॰॰॰॰॰ मानवी सूटकेस लेकर खड़ी थी ।

मानवी उसकी तरफ़ देखे बिना माँ कहते हुए अंदर चली गई । प्रियंका ने भी उस पर ध्यान ना देते हुए कॉलेज चली गई उसे डर लग रहा था कि मानवी ने ऐसा क्या किया है कि उसे वापस माँ के घर आना पड़ा । उसका मन कॉलेज में नहीं लग रहा था , जैसे ही शाम हुई वह जल्दी से घर लौट गई ।

वह घर में जैसे ही घुसी देखा सुबोध भी घर आ गए हैं !! सब लोग राउंड टेबल कॉन्फ़्रेंस के समान राउंड बैठे थे और बीच में बैठ कर मानवी सारे क़िस्से सुनाते जा रही थी और रोती जा रही थी ।

प्रियंका को देखते ही सब उसे ग़ुस्से से देखने लगे …..सुबोध ने कहा कि प्रियंका तुम्हें मालूम है , आलोक ने मानवी पर हाथ उठाया है । उसकी ऐसी हिम्मत कैसे हुई , मैं उसके हाथ तोड़ दूँगा,  गिरफ़्तार करवा दूँगा, कहते जा रहे थे और बाकी सब ऐसे देख रहे थे जैसे कह रहे हो कि देखा तुम्हारे भाई की करतूतें कैसी हैं ?

प्रियंका ने कहा देखिए शादी दो लोगों के और दो परिवारों के बीच हुई है , इसलिए हम अकेले फ़ैसला नहीं कर सकते हैं ।

 आलोक को भी बुला लेते हैं ……. वह अकेले ही सब कुछ सँभाल सकता है तो ठीक ! वरना चाचा- चाची को भी बुला लेते हैं।

मेरी क़िस्मत अच्छी थी कि बिना ना नुकुर किए सबने मेरी बात मान ली । मैंने आलोक को फ़ोन किया …….. वह बहुत ही अच्छा लड़का है, मैं हमेशा सोचती थी कि मैं जब भी उससे बात करती थी उसने कभी भी मानवी की शिकायत नहीं करता था हमेशा……. हाँ अच्छी है ! उसे कुछ नहीं आया तो सीख लेगी ……. यही कहता रहता था !! बेचारा बेकार की झंझटों में फँस गया है ?

आलोक दूसरे दिन नाश्ते के समय तक पहुँच गया था …… वह बहुत ही हँसमुख और लाइवली व्यक्ति है आते ही …… वह सबको हँसाते हुए सबकी खबर ले रहा था….. मानवी कमरे से बाहर निकल कर आई ही नहीं थी ।

हम खाना खाने के बाद एक जगह बैठ गए और बातें करते समय……. आलोक ने कहा कि आप सबके मन में एक सवाल उठ रहा होगा कि मानवी अचानक क्यों आ गई है और उसने यह भी बताया होगा कि मैं बहुत बुरा हूँ ।

सासु माँ मैं शिकायत नहीं करना चाहता हूँ……. लेकिन आपने अपनी बेटी को कुछ नहीं सिखाया

है …….. हमें मुंबई गए हुए चार महीने हो गए हैं और आज तक हमारे घर खाना नहीं बना है ।

मैं जब ऑफिस के लिए निकलता हूँ …… तब वह सोई हुई रहती है ।

मुझे ऑफिस कैंटीन में ही चाय नाश्ता करना पड़ता है । मैं शाम को घर आता हूँ यह सोचकर कि आज घर में अच्छा खाएँगे पर आते ही कहती है …….. आलोक मुझे खाना बनाना नहीं आता है …… मैं नहीं बना सकती हूँ मुझे नहीं आता है……,,इसलिए खाना ऑर्डर कर लेते हैं ….. इस तरह से रोज बाहर ही खाते हैं ।

उस दिन भी मेरे कुछ क्लाइंट घर आना चाहते थे ……….मैंने मानवी से कहा हल्का सा खाना बना दो ……….थोड़े व्यंजन बाहर से भी मँगवा लेते हैं ……परंतु इसने मेरी बात ही नहीं मानी …….मुझे ग़ुस्सा आया और मेरा हाथ उठ गया …….जो बहुत गलत था यह मैं मानता हूँ ।

आलोक की बातों से रमणी का सर शर्म से झुक गया था । आलोक ने आगे कहा प्रियंका भी नौकरी करती है …… लेकिन वह सुबह के नाश्ते से लेकर सुबोध के लंचबॉक्स तक ……. आप सबका खाना सब कुछ बनाती है …….. फिर मानवी क्यों नहीं कर सकती है ।

माँ सभी बच्चों को लाड़ प्यार देना ठीक है पर उन्हें अपना काम घर का काम भी समय आने पर करने की आदत भी करनी पड़ती है ।

मुझे मेरी माँ ने सब कुछ सिखाया है , मैं खुद भी खाना बना लेता हूँ ।

मुझे मानवी से कोई शिकायत नहीं है …….मैं मानवी से प्यार करता हूँ ……बस वह मुझे समझ ले और मेरी शिकायत करना बंद कर दे मैं खाना बनाने में और दूसरे कामों में उसकी मदद कर दूँगा । एक बात और मैं पियक्कड़ नहीं हूँ शादी के पहले मैंने मानवी को बताया था कि मुझे कभी-कभी क्लाइंट को कंपनी देना पड़ता है इसलिए थोड़ा – सा पी लेता हूँ और रात को भी हमेशा देर से नहीं आता हूँ ।

उसकी बातों से सबको अपनी गलती का एहसास हुआ मानवी कमरे से बाहर आकर आलोक के गले लगती है और माफी माँगती है ।

आलोक और मानवी दोनों दूसरे ही दिन की फ्लाइट ली और खुशी से अपनी नई जिंदगी बिताने के लिए मुंबई के लिए रवाना हो गए ।

रमणी को भी सबक मिला कि बेटी की हर बात मानने के पहले पूरी तरह से सच्चाई जान लें ।

चलिए “ अंत भला तो सब भला “ उसके बाद से मानवी का फोन नहीं आया ……प्रियंका का जीवन भी सुखमय हो गया ।

के कामेश्वरी

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