डर से डरना नहीं,लड़ना जरूरी है – कमलेश आहूजा :  Moral Stories in Hindi

आज मीना को ऑफिस से निकलने में देर हो गई।रात के 9 बज रहे थे..बड़ी मुश्किल से घर जाने के लिए कैब मिली।घर से बार बार फोन आ रहे थे इसलिए उसने कैब में बैठते ही पहले फोन किया-“माँ,मैं कैब में बैठ गईं हूँ बस थोड़ी देर में घर पहुंच जाऊँगी।” ड्राइवर ने गाड़ी उसकी … Read more

अर्थी वाली दुल्हन – संजय मृदुल :  Moral Stories in Hindi

माँ! तुम्हीं ने तो कहा था कि लड़की की दो बार बिदाई होती है वो मायके से डोली से उतरती है ससुराल में फ़िर वहाँ से अर्थी में विदा होती है। लो देखो मैं कितनी जल्दी ससुराल से विदा हो रही हूँ। अर्थी अच्छे से सजाई है न इन लोगों ने? पापाजी को कहना देख … Read more

साजिश – के आर अमित : Moral Stories in Hindi

अगली सुबह जब वो उसी जगह गया तो उसका भाई खून से लहूलुहान था, मगर जिंदा था और तड़प रहा था। उसने सोचा कि अगर इसे बचाने की कोशिश करूंगा या हॉस्पिटल लेकर जाऊंगा तो ये बात पुलिस तक पहुँच जाएगी और वो फँस जाएगा। इसलिए उसने उसे उसी हालत में मरता छोड़कर वहाँ से … Read more

अनुत्तरित – उमा महाजन :  Moral Stories in Hindi

      पिछले सप्ताह उनके एक पड़ोसी मित्र का सपरिवार हमारे घर पर आना हुआ । इतवार का दिन था,सो वे लोग आराम से बैठ कर गपशप करने के मूड में  आए थे । मैं स्वयं बिजली विभाग में एस.डी.ओ. के पद पर कार्यरत हूँ और वे नगर के एक प्रतिष्ठित सफल व्यापारी हैं।       अलग-अलग कार्य-क्षेेत्रों से … Read more

मां जैसा ना कोई – विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi

रात के बारह बज चुके थे,सुषमा की आंखे नींद से भारी हो रही थी, लेकिन वो सो नहीं पा रही थी, उसका बेटा गगन बैंगलौर से फ्लाईट से आ रहा था तो जब तक वो बेटे को देख न ले , उसे नींद आती ही नहीं थी।ये रोज की बात थी, गगन किसी बहुत अच्छी … Read more

बच्चों को कभी ना भी कहना आना चाहिए – गीतू महाजन : Moral Stories in Hindi

रति के सास ससुर गांव से लगभग साल भर बाद उसके घर आए थे।रति अपने पति विजेंद्र के साथ दिल्ली में रहती थी और उसका पति एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करता था।वैसे तो उसके ससुर की गांव में बहुत बड़ी ज़मीन जायदाद थी लेकिन उसके पति को इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद नौकरी करना … Read more

जाति – एम पी सिंह : Moral Stories in Hindi

क्या आप जानते हैं कि जैसे इंसानों में ऊंची जाती, पिछड़ी जाति, दलिल आदि जातियां होती है उसी तरह जानवरों में भी जातियां होती हैं? नहीं जानते? तो सुनो, इंसानों की जातियां भगवान ने नहीं बल्कि हम इंसानों ने ही बनाई है। शास्त्रों में जातियों का उल्लेख अवश्य है पर उनके साथ ऊंच नीच का … Read more

साजिश – प्रतिमा श्रीवास्तव :  Moral Stories in Hindi

एक साज़िश के तहत अजय को फंसाया गया था।वो अपनी सफाई में लड़ते – लड़ते हार चुका था क्योंकि कोई भी मानने को तैयार ही नहीं था कि अजय ने कुछ नहीं किया था। अजय जिस आफिस में काम करता था वहां चमचों का ही बोलबाला था। इमानदार होना ही उसके लिए मुसीबत बन गई … Read more

मां की ममता – अमिता कुचया :  Moral Stories in Hindi

आज तीन बजे दिशा खाना खा पाई थी, अब उसका समय ज्यादा अहाना के हिसाब से चल रहा था। जब वो खेले, या सोए तब   ही उसका काम होता था।  वह किचन समेट कर सोने ही गयी थी, तो आज उसे गहरी नींद लग गयी, अहाना उसकी तीन महीने की बेटी है, इधर जब … Read more

  अध्याय-1 :  भैरोगंज रेलवे स्टेशन – नीरज श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

रात के दो बज रहे थें। कोहरे ने दूर-दूर तक अपना आतंक फैला रखा था। हाड़-माँस को कपा देने वाली सर्द हवायें बेकाबु हो यहाँ-वहाँ भटक रही थीं। इन सब से अन्जान, बेखबर कोई भैरोगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नं. 01 पर खुद को एक पतले से साँल में समेटने की नाकाम कोशिश कर रहा … Read more

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