दहेज तो देना ही पड़ेगा

मेरी एक छोटी बहन नीलिमा है जो अभी-अभी ग्रेजुएशन कंप्लीट की है नीलिमा  की शादी के लिए उसके ग्रेजुएशन पास करते ही पापा ने लड़का देखना शुरु कर दिया था. दोस्तों बेटी हो या बहन नादानी करते-करते कब बड़ी हो जाती है।  घर वाले को तो पता भी नहीं चलता है पता तो तब चलता … Read more

सबकी प्यारी बहू-Mukesh Kumar

मोनिका और राज की शादी के अभी कुछ ही दिन हुए थे शादी बहुत ही धूमधाम से किसी बड़े मैरिज हॉल में हुआ था मोनिका के पापा ने मोनिका की शादी पर बहुत ज्यादा पैसा खर्च किया था।  दहेज में ऐसा कोई चीज नहीं था जो दहेज में मोनिका के पापा ने ना दिया हो … Read more

नए रिश्तो को पंख लगने मे समय तो लगता है-Mukesh Kumar

आज रागिनी की बारात आने वाली थी। उसकी सहेली ममता ने हाथों और पैरों पर मेहंदी लगा कर जैसे ही उसके रुम से बाहर निकली उसकी मां उसके रूम में अंदर घुसी और अपनी बेटी रागिनी को से बोली बेटी आज मैं  तुम्हें एक ऐसी सीख दे रही हूँ जिसे अगर अपने जीवन मे उतार … Read more

एक तरफ ससुराल एक तरफ माएका

एक बेटी के लिए जितना ससुराल प्यारा होता है उतना ही मायका भी लेकिन जीवन मे कई बार ऐसा भी समय आता है जब उसे एक साथ दोनों तरफ की जिम्मेदारियाँ निभानी होती है बेटी को समझ नहीं आता है की वह बहू का धर्म निभाए या फिर बेटी का क्योंकि एक तरफ ससुराल होता … Read more

सलोनी का लहंगा

आज आपके लिए एक ऐसी कहानी लेकर आया हूं जिसके पात्र हम कभी ना कभी बनते हैं या बन जाते हैं.  मैं कहानी की शुरुआत करता हूं अपनी पत्नी से हुई बातचीत से मेरी पत्नी ने मुझे बताया कि उसे जयपुर जाना है।  मैंने उससे पूछा अचानक जयपुर क्यों, तो उसने धीरे से कहा कि … Read more

अधूरी औरत – मुकेश कुमार

काजल की  शादी हुए अभी सिर्फ 6 महीने ही हुए थे।  उसके पापा ने कितने शानो-शौकत से एक बड़े बिजनेसमैन ऋषभ से काजल की शादी कराई थी।  जिसका मुंबई में बहुत बड़ा रेस्टोरेंट का बिजनेस था।  सबको लगा था कि काजल को वह सब कुछ मिलेगा जो एक लड़की अपने पति से उम्मीद करती है … Read more

बहू नहीं बेटी है मेरी

सुनीता जी के घर में पूरा चहल-पहल था क्योंकि उनकी बेटे की शादी जो होने वाली थी घर में सारे मेहमान आ चुके थे अगले दिन ही बारात जाने वाली थी। सुनीता जी के पति का देहांत एक कार एक्सीडेंट के दौरान हो गया था तब से उन्होंने अपने पति के सारे बिजनेस को खुद … Read more

बहू नहीं बेटी हूँ मै

सलोनी ब्याह करके  अपनी ससुराल पहुंच गई थी.  ससुराल पहुंचते ही अपने मां के दिए हुए संस्कारों के अनुरूप घर के सारे लोगों के छोटे बड़े सारे काम करके उनके दिल में जगह बनाने में जुट गई थी उसकी मां का कहना था कि अगर तुम्हें अपने ससुराल में एक अच्छी बहू बनना है तो … Read more

जब सास बनी गई माँ !

यह कहानी हमारे बिल्कुल बगल में रहने वाली मीना आंटी की है.  मीना आंटी जब हमारे बगल वाले फ्लैट में रहने आई थी तब वह और उनका छोटा बेटा रितेश बहुत छोटा था. रितेश के पापा का देहांत बचपन में ही हो गया था।  एक्चुली में मीना आंटी बैंक में जॉब करती थीं उनका पोस्टिंग … Read more

कब तक चुप रहूँगी-मुकेश कुमार

रोशनी बचपन से ही होनहार थी। वह उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहती थी, लेकिन उसके पिताजी के पास इतने पैसे नहीं थे कि वह बहुत ज्यादा पढ़ाई कर सके। इसलिए उसकी पढ़ाई 12वीं के बाद ही छूट गई और उसके पिताजी ने उसकी शादी एक साधारण कमाने वाले लड़के से कर दी। लेकिन रोशनी हमेशा … Read more

error: Content is protected !!