असली हीरा – करुणा मलिक : Moral stories in hindi

अम्माजी , आज भइया आएँगे, होली का सामान लेकर । चाय के साथ थोड़ा सूजी का हलवा लूँ क्या?  कल पापाजी भी कह रहे थे कि बहुत दिनों से हलवा नहीं बनाया ? भाई के लिए बनाना है पापाजी का नाम लेकर ? पता भी है, देशी घी का क्या भाव चल रहा है  , … Read more

बड़बोली – करुणा मलिक : Moral stories in hindi

कमरे में चारों ओर बैठी औरतें और ख़ासतौर पर युवतियाँ नीरजा की बातों को सुनकर सम्मोहित हो गई थी । उम्र भले ही ढलान पर थी पर  दिल कभी बूढ़ा नहीं होता । अधेडावस्था को पार करती हुई पार्वती बोल पड़ी—- हाय! जीणा तो सहर की लुगाइयों का , यहाँ तो सारा दिन खाओ ना … Read more

ईश्वर की रचना – करुणा मलिक : Moral stories in hindi

सुना चाची  आपने  ! भोला मर गया आज सुबह । बड़ी बुरी मौत पाई बेचारे ने । कल रात कोई पानी देने वाला भी नहीं था उसके पास । सोहन और उसकी औरत ने बुरा किया । भुगतेंगे, कोल्हू के  बैल की तरह काम किया भोले ने इनका ।जब तक  माँ-बाप और मोहन था तो … Read more

सुबह का भूला… – करुणा मलिक : Moral stories in hindi

साक्षी बेटा , कल गाँव तुम्हारे बाबूजी के पास गई थी । भइया  तो सचमुच भाभी के जाने के बाद एकदम से बहुत कमज़ोर और बूढ़े दिखने लगे हैं ।  हाँ बुआ जी , शरद हमेशा ही वीडियो कॉल पर बातें करते हैं पर क्या करें ? अम्मा की तेरहवीं के बाद हमने बाबूजी को … Read more

रिटर्न गिफ़्ट – करुणा मलिक : Moral stories in hindi

नमिता की पोती गार्गी का चौथा जन्मदिन था । नमिता और उनकी बहू आरती इस बार के जन्मदिन को लेकर बहुत उत्सुक थी क्योंकि गार्गी का स्कूल में मनाया जाने वाला यह पहला जन्मदिन था। आरती को तो अपने क्लीनिक और मरीज़ों से कम ही समय मिलता था पर बीच-बीच में नमिता उसे याद दिला … Read more

अपनी जड़ों से जुड़े रहो – करुणा मलिक: Moral stories in hindi

सतीश , बेटा न जाने अब तो कब बुलावा आ जाए , एक बार उस दहलीज़ के दर्शन करवा दे , जहाँ ब्याह कर आई थी ।माँ, कैसे जाओगी ? इतना लंबा सफ़र, बुढ़ापे का शरीर, ऊपर से कहीं ठहरने का बंतोबस्त नहीं । फिर आप वहाँ किससे मिलोगी ? अपने कुटुंब का तो अब … Read more

मेरे बीमार होने से किसी को फ़र्क़ नहीं पड़ता है – करुणा मलिक   : Moral stories in hindi

कुसुम, पंद्रह दिन बाद बुआ भात नोतने के लिए आ रही है । अच्छे से तैयारियाँ कर लेना । यही कोई तीस पैंतीस लोग होंगे। तीस पैंतीस……? इतने लोगों का , मैं कैसे करूँगी?  पचास ही लोग होंगे कुल मिलाकर । घर के और पास पड़ोसियों को गिनकर । आपको तो पता ही है कि … Read more

पारखी नज़र – करुणा मलिक : Moral stories in hindi

चलो भाई ! ये तो प्रकृति का नियम है । हम तो बहुत भाग्यशाली है कि हमारे ऊपर माँ- बाप का आशीर्वाद बना रहा   हाँ दीदी , अब आप हम दोनों भाइयों के लिए माँ समान है ।घर , खेत इत्यादि का इंतज़ाम कैसे करें ?  बेच देंगे । किसके पास इतनी फ़ुरसत है कि … Read more

वापसी – करुणा मलिक : Moral stories in hindi

मालू, याद तो है ना कि पापा 20 तारीख़ को इंडिया पहुँच रहे हैं । बहुत कोशिश की कि सही समय पर पहुँचे पर किसी फ़्लाइट में बिज़नेस क्लास की टिकट ही नहीं मिली । रात में दो बजे लैंड करेंगे । एक हैंड बैग ही होगा, उनके साथ इसलिए ज़्यादा टाइम नहीं लगेगा बाहर … Read more

देर से ही सही – करुणा मलिक : Moral stories in hindi

हैलो…. बाबूजी! मैं दीप्ति…चरण स्पर्श । आप …..माँ…..दीपक….और नंदा.. सब कैसे हैं ?  हाँ….दीप्ति….सुखी रहो । बेटा .. तुम और मुन्ना कैसे हो ?  दीप्ति ! आज अपने बाबूजी की याद आई, बेटा  ? तीन साल का हो गया हमारा मुन्ना।  बेटा , सब ठीक तो है? बाबूजी…. क्या मैं घर ….आ … जाऊँ…?  घर…….. … Read more

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