अटूट बंधन – करुणा मलिक : Moral stories in hindi
अरी विमला ! दिन चढ़ आया आज उठना नहीं क्या ? पता नहीं , कैसी बहू पल्ले पड़ी है । लोगों के घर में खाना भी तैयार हो गया । एक हमारा घर है जो अभी तक बासी पड़ा है । दादी की आवाज़ पड़ोसियों को भी सुनाई दे गई । सुबह के पाँच बजे … Read more