यादों के उफान  – किरण केशरे

माला जी अपने छोटे से खूबसूरत लॅान में धूप में बैठी हुई,ख्यालों में खो सी गई थी,,,,  बेटे सूरज का कनाडा से वीडियो कॉल आया था कल ही, बहुत सी बातें हुई, वह माला जी को बार बार कनाडा आने के लिए कह रहा था, क्योंकि दिनेश जी के जाने के बाद से वह अकेली … Read more

“तिरंगा मेरी शान है” – ऋतु गुप्ता

मालिनी ओ मालिनी सुनती नहीं क्या, कल सुबह हमारा स्वतन्त्रता दिवस है,इस कम्युनिटी हॉल के बाहर मैदान में तिरंगा फहराया जाएगा, बड़े-बड़े लोग आएंगे, देशभक्ति का आलम होगा, और तू है कि अपने काम पर ध्यान ही नहीं देती, तुझे साहब ने बोला था ना कि गेंदे के फूलों की लड़ियां सभी दरवाजे पर लगा … Read more

फ्रैंडशिप डे !! – पायल माहेश्वरी

 आज अगस्त महीने का पहला रविवार था दोनों बच्चे अनुज व अनुजा अपने हाथों में ढेर सारे रंग बिरंगे फीते लेकर यहाँ वहां भाग रहे थे ,दोनों बेहद खुश नजर आ रहे थे । ” मम्मी आज फ्रैंडशिप डे हैं ” बच्चों का उत्साह देखने लायक था।  फ्रैंडशिप डे !! मनीषा ने चकित होकर सोचा … Read more

जाको राखे साईंयां मार सके न कोय – कमलेश राणा 

बात उस समय की है,,जब तक मंडीदीप इंडस्ट्रियल एरिया नहीं बना था,,जहाँ आज सैकड़ों चिमनियां धुँआ उगल रहीं हैं,,वहाँ सीताफल का जंगल हुआ करता था,,   दीपावली के समय जब सीताफल की आंखें खुल जातीं तो हम उन्हें तोड़ कर पेड़ों के झुरमुटों में छुपा देते,,दो-तीन दिन बाद जब वो पक जाते तो निकल कर … Read more

नरपिशाच – कमलेश राणा 

भूरा नाम था उसका,,बहुत गोरा बिल्कुल अंग्रेज जैसा,,कदाचित अंग्रेज ही हो,,वो कौन था,कहां से आया था,,कोई कुछ नहीं जानता था,,किसी से मांगता भी नहीं,,कोई दे देता तो खा लेता,,   हमारे घर के नीचे कई दुकानें बनी हुई थी,,ऊपर 4 परिवार किराये से रहते थे,,इसी प्रकार सामने भी भविष्य में उपयोग के लिए दुकानें बना … Read more

“ये दोस्ती हम नहीं छोड़ेंगे –  कविता भड़ाना…

छोड़ेंगे दम मगर,तेरा साथ न छोड़ेंगे “ ” शोले” फिल्म के इस गाने को सुनकर अचानक से सुधीर की आंखों में पानी आ गया और बरसने लगी। याद आ गया उसे अपने बचपन का जिगरी दोस्त “आनंद”…  सुधीर और आनंद दोनों एक ही गली मैं अगल-बगल के घरों में रहते थे। दोनों के परिवारों में … Read more

जो साथ निभाए वह है दोस्त” – ऋतु अग्रवाल 

“सुनो जी! यह प्रभाकर भैया तो आपके साथ ही नौकरी करते हैं। फिर इनके और हमारे जीवन स्तर में इतना अंतर, मुझे समझ नहीं आता। इनके पास हमारी ही तरह कोई पुश्तैनी जमीन जायदाद भी नहीं है।” आभा ने चाय का कप विवेक को पकड़ते हुए कहा।    “हाँ! पहले मैं भी यही सोचता था पर … Read more

 अधूरी_दोस्ती – गुरविंदर टूटेजा

गरिमा व अनुराधा बहुत गहरी दोस्त थी…गरिमा अपने घर में पापा-मम्मी व दोनों भाईयों की लाडली थी जो वो मुँह से निकालती वो हाज़िर हो जाता था  उससे उल्ट अनुराधा के पापा-मम्मी नहीं थे व भाई-बहन भी नहीं था तो चाचा-चाची के पास रहती थी व अपने दिल की हर बात वो गरिमा से ही … Read more

मीठे रिश्ते – नम्रता सरन “सोना”

“बेटा, आज तुम्हें चौका छुलाई की रस्म करनी है, मैंने और महाराज ने बाकी सब खाना बना लिया है बस तुम्हें मीठे केसरिया चावल बनाने है ,शगुन के तौर पर” नवेली बहू से रागिनी ने कहा। “जी मम्मीजी” सलोनी धीमे से बोली। “आते हैं न बेटा” होस्टल मे पढ़ी सलोनी से रागिनी ने संशयपूर्ण स्वर … Read more

 काई –  दिव्या शर्मा | Hindi Kahaniya

“कहाँ  खोई हो अपेक्षा?” “इन तितलियों में।”गार्डन में फूलों पर मंडराती तितलियों की ओर इशारा कर अपेक्षा ने जवाब दिया। “बहुत सुंदर हैं।”श्रुति ने तितलियों को निहारते हुए कहा। “यह कितनी स्वतंत्र है ना!बेखौफ उन्मुक्त और खिलखिलाती।”अपेक्षा ने कहा। “हाँ….बिल्कुल हम स्त्रियों की तरह ना!” “स्त्रियों की तरह!!क्या बोल रही हो श्रुति! स्त्रियों के लिए … Read more

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