खूनी रिश्ते – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral Stories in Hindi

New Project 69

Moral Stories in Hindi : “यह दुनिया है माया का फेरा…यहां न सुबहा ना शाम का डेरा…!” अंजली अपनी आँखों में आँसू लिए बैठी खुद को कोस रही थी। कितनी बेरहम है दुनिया…कोई किसी का नहीं होता…!. अब क्या करे वह  ..किसी को बताएगी तो कोई यकीन भी नहीं करेगा…फिर बेवकूफी भी तो उसी ने … Read more

“उम्मीदों के मोती” – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral stories in hindi

New Project 2024 04 29T215107.227

Moral stories in hindi: अंजलि फूट-फूटकर रो रही थी।  उसके जीवन में कभी उसकी आंखों में आंसू का एक कतरा भी उसके माता-पिता को पसंद नहीं आता था । आज उसे रोते हुए देख कर माता पिता हर्षित थे। उसकी मां मनीषा जी थोड़ा हड़बड़ाई भी तो अंजलि के पापा शम्मी जी ने मनीषा को … Read more

मेरी क्या गलती…!!! – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral stories in hindi

New Project 88

Top 10 moral stories in hindi : ट्रेन अपनी तीव्र गति से भागी जा रही थी। एसी कोच था इसलिए बाहर की गड़गड़ाहट और मौसम का हाल पता नहीं चल रहा था। शीशे से सिर्फ भागती हुई चीजें नजर आ रही थी ।बाहर काफी तेज वृष्टि हो रही थी। मेरे मन में भी भारी बारिश … Read more

अपना अपना ससुराल – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : बचपन से गुड्डे गुड़ियों के साथ खेलते हुए अपराजिता का मन इतना समझ चुका था  कि बड़े होने के बाद घर छोड़कर ससुराल जाना पड़ता है और उसे ही अपना समझना पड़ता है। अपने घर में अपने मम्मी,ताई जी, चाची और दादी सभी को देखकर समझती गई कि यह उनका … Read more

मेरा अधिकार – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral stories in hindi

New Project 2024 04 29T104946.819

Moral stories in hindi : “सलोनी जल्दी उठ जाओ और जाकर चाय बनाओ…!”अलसाते हुए सलोनी की आंखें खुलीं।  वह उठकर ब्रश कर चाय बनाने के लिए चल पड़ी।   उसने अपने मम्मी पापा और खुद के लिए चाय बनाया था ।जैसे चाय खत्म हुआ, उसकी मां अनीता जी ने कहा  “सलोनी, जल्दी से जाओ और नाश्ता … Read more

मुझे माफ कर दो नीरा – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय

New Project 2024 04 29T104905.495

“फिर से एक और बेटी..!,पता नहीं क्या ग्रह लेकर यह मनहूस इस घर में आई है…कुलक्षिणी…!,एक तो खाली हाथ आई है…यहां पड़ी रहकर सिर्फ माल ही उड़ाती रही है.. अब बेटी पर बेटी…उंह…!” मुँह बिचका कर कैकई यानी नीरा की सास ने गुस्से में नीरा से कहा।  एक तो नवजात को जन्म देने के बाद … Read more

error: Content is Copyright protected !!