दूसरी पाठशाला -डॉ पारुल अग्रवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : नताशा जानी मानी काउंसलर थी जो लोगों की पारिवारिक समस्याएं तो सुलझाती थी वही अपनी सलाह से कई परिवारों का विघटन रोकने में भी कामयाब हो सकी थी। आज काफी दिन के बाद वो थोड़ा आराम से बैठी चाय पी रही थी क्योंकि पिछला पूरा सप्ताह काउंसलिंग की वर्कशॉप और … Read more

कलाकृति (भाग 1 )-डॉ पारुल अग्रवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : आज बहुत दिनों के बाद अमृता के मन में गहन शांति थी। इतने दिनों से इसके मन में पीहू को लेकर जो कसमकश चल रही थी उस पर विराम लग गया था। वैसे भी पीहू कोई गैर तो नहीं थी उसकी दिवंगत सगी ननद दिव्या की बेटी थी।अब अमृता और … Read more

आवाज़ – डॉ. पारुल अग्रवाल : Short Moral Stories in Hindi

Short Moral Stories in Hindi : आज रजत की बेटी वान्या की शादी थी। वान्या खुशी-खुशी घर से विदा हो गई पर एक पिता का दिल अपने आपको समाज की बनाई प्रथाओं के आगे बहुत ही हारा हुआ सा महसूस कर रहा था। कई दिन की गहमागहमी और सारे काम का प्रबंध देखते देखते वो … Read more

पगड़ी – डॉ. पारुल अग्रवाल : Short Stories in Hindi

तीन भाई-बहन का हंसता-खेलता परिवार जिसमें नीलू सबसे बड़ी थी। पापा बैंक में क्लर्क की नौकरी में थे और मां पूरा घर संभालती थी।पापा की नौकरी से पैसा तो नहीं बचता था पर इतना था कि प्रतिदिन के खाने पीने की कोई समस्या नहीं थी।वैसे भी क्लर्क की नौकरी अगर वो भी ईमानदारी से करने … Read more

नेमप्लेट – डॉ. पारुल अग्रवाल

कल आकाश और सिया की शादी की पांचवी सालगिरह है। पांचवी है इसलिए आकाश ने इसको थोड़ा अलग तरह से मनाने की सोची है। उसने सिया को उपहार में एक फ्लैट देने की सोची है जिसके पेपर्स पर सिर्फ उसका ही नाम होगा हालांकि ये घर आकाश और सिया दोनों की खून-पसीने की कमाई का … Read more

तड़के का जादू – डॉ. पारुल अग्रवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : आज सब जगह मुग्धा की ही चर्चा थी। मुग्धा ने सिंगापुर में अंतर्राष्ट्रीय शेफ प्रतियोगिता तो जीती ही थी पर साथ साथ वो मात्र दस रुपए में वो अपनी अक्षयपात्र योजना के अंतर्गत गरीबों को भरपेट भोजन करवाती थी। अपने देश भारत पहुंचते ही उसको सरकार की तरफ से भी … Read more

आठवां वचन – Short Story in hindi

मानव एक कॉल सेंटर में जॉब के साथ अपना मैरिज ब्यूरो भी चलाता था जिसमें उसने बहुत सारे पसंद के लोगों को एक दूसरे से मिलवाया भी था। मानव की खुद उम्र ज्यादा नहीं थी वो खुद अभी तीस बत्तीस साल का ही था पर उसने खुद शादी नहीं की थी।  वैसे भी एक शादी … Read more

दिल अभी भरा नहीं – Moral Story In Hindi

आज बेटी का विवाह भी अच्छे से निपट गया था। बेटे के विवाह को भी एक वर्ष हो गया था।गायत्री ने अपनी सारी जिम्मेदारियां अच्छे से परिपूर्ण की थी। सब कुछ सही था नहीं सही था तो गायत्री के पति विजय का उनके प्रति व्यवहार। गायत्री ने तो अपने सारे कर्तव्यों का निर्वहन बहुत ही … Read more

अतीत की स्याही – डॉ पारुल अग्रवाल

त्रिवेणी अपने समय की बहुत बड़ी नृत्यांगना जिसकी चमक उम्र के इस पड़ाव पर आकर भी कम ना हुई थी। कई सारी नई उम्र की लड़कियां भी अब देश के परंपरागत नृत्य में अपनी जगह बना रही थी पर किसी में भी अब तक त्रिवेणी जैसे हाव-भाव और लचीलापन नज़र नहीं आता था। ऐसे में … Read more

विधि का विधान – डॉ. पारुल अग्रवाल

आज शोभना बहुत खुश थी, बेटा मानव अमेरिका से पढ़ाई पूरी करके जो आ रहा था। जब से बेटे के आने का पता चला था तब से अपने हाथ पैरों का दर्द भूलकर इधर से उधर चक्करघिन्नी की तरह घूम रही थी। घर में तरह-तरह के पकवान बन रहे थे।खुश तो शोभना के पति आदित्य  … Read more

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