घर कब आओगी – मधु वशिष्ठ   : Moral Stories in Hindi

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ऐसा बिल्कुल नहीं था कि भावना जी अपनी बहू नीता को प्यार नहीं करती थीं या उसे कमतर समझती थीं, बस यह उनकी बहुत पुरानी आदत थी कि वह अनुशासनहीनता या कोई भी गलती सहन नहीं कर पाती थीं और उसे ठीक करने की पूरी कोशिश करती थीं। यूं भी वह गर्ल्स स्कूल की रिटायर्ड … Read more

अपना घर अपना घर ही होता है। – मधु वशिष्ठ   : Moral Stories in Hindi

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अपना घर अपना घर ही होता है। नीता मन ही मन यूं ही बड़बड़ा रही थी, लड़कियों का तो कोई घर ही नहीं होता मां कहती थी की ससुराल ही तुम्हारा घर है और यहां हाल देखो?  लगभग एक सप्ताह होने को आया, सासु मां की तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण वह तो बिस्तर … Read more

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