*उदासीन ब्रह्मचारी का फैसला* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi
देखो ऋषि मैं जानती हूं तुम्हे अपने जॉब के कारण अधिकतर समय बाहर ही रहना होता है, पर मैं भी क्या करूँ,कैसे रहूं तुम बिन? सरिता,तुम एक भरे पूरे परिवार में रहती हो,माँ हैं, बाबूजी हैं और छोटा भाई राजेश है।इतने लोगो के बीच क्यूँ अकेलापन महसूस करती हो?आदत डालो सरिता आदत डालो। सरिता फोन … Read more