*उदासीन ब्रह्मचारी का फैसला* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 96

        देखो ऋषि मैं जानती हूं तुम्हे अपने जॉब के कारण अधिकतर समय बाहर ही रहना होता है, पर मैं भी क्या करूँ,कैसे रहूं तुम बिन?         सरिता,तुम एक भरे पूरे परिवार में रहती हो,माँ हैं, बाबूजी हैं और छोटा भाई राजेश है।इतने लोगो के बीच क्यूँ अकेलापन महसूस करती हो?आदत डालो सरिता आदत डालो।         सरिता फोन … Read more

अप्रत्याशित प्रश्न और उत्तर – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

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      मम्मी-मम्मी, एक बात तो बताओ जब मेरे पापा है ही नही तो आप सिंदूर क्यो लगाती हो?दादू नही रहे तो दादी सिंदूर कहाँ लगाती हैं, पड़ौसी काका पिछले महीने ही स्वर्ग सिधारे हैं तो काकी ने सिंदूर लगाना बंद कर दिया पर मम्मी,मैंने तो पापा को देखा तक नही,उससे पहले ही वे चले गये तो … Read more

*खरा विश्वास* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 45

        सुनो जी,आज तो 8 बज गये, दूध वाला दूध नही दे गया है, मालूम तो करो,आयेगा भी नही?         रोज दूध समय पर ही आता था,आज क्यो हुआ जानने को मैंने अपने यहां दूध की डिलीवरी करने वाले को फोन लगाया।        उधर से आवाज आयी, अरे बाबूजी आपको पता भी है,अपनी सोसायटी में एक मेड का … Read more

अलग सा रोमांच – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

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  रामेश्वर दयाल जी के लिये यह झटका कोई कम नही था,उनके जैसे जीवट वाला व्यक्ति न होता तो उन्हें हार्ट अटैक ही हो जाता।66 वर्ष की उम्र में 35 वर्षीय बेटे तरुण की कोरोना में मृत्यु हो जाना,एक असहनीय दर्द था।32 वर्षीय उनकी बहू रागिनी और 8 वर्षीय पोते दीप का चेहरा उनके सामने से … Read more

सॉरी- भैय्या – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 60

          पहली बार मेरे बचपन के घनिष्ठ मित्र प्रियांशु के भाई का फोन आया।स्वाभाविक रूप से आश्चर्य हुआ।मैंने पूछा आकाश सब ठीक है ना।मैं पहली बार तुम्हारा फोन सुन रहा हूँ।       आकाश बोला  नही भाईसाहब कुछ ठीक नही है।मुझे लगा कि भाइयो का जमीन जायदाद के बंटवारे का  झंझट होगा।फिर भी मैंने कहा कि क्या हुआ … Read more

*एक नजरिया यह भी* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 47

    सुनो,मनोज बेटा देखो कुछ मजदूर नेता मजदूरों को भड़का रहे हैं,तुम मजदूरों से बात करके,उन्हें हड़ताल करने से रोकने का प्रयास करो।तुम्हे मेरी ओर से फ्री हैंड है।बस हड़ताल नही होनी चाहिये।       मैं पूरी कोशिश करता हूँ बाबूजी।          मनोज के पिता स्वयं मजदूर थे,इस कारण उसे मजदूरों के मनोविज्ञान की जानकारी थी,साथ ही उसके मजदूर … Read more

*बहू तो बहू ही रहेगी* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 6

             मालती को कुल दो वर्ष ही तो हुए थे शादीशुदा हुए।बड़े अरमान लिये बाबुल का घर छोड़ खींची चली आयी थी,नीरज के साथ इस बड़े घर मे,जहां उन दोनों के अतिरिक्त बस सासू मां और ननद रूपा ही थे।बड़ी गर्मजोशी से उसका स्वागत हुआ था।उसे लगा था अब वह हिरनी की तरह कुलाचे मारने वाली … Read more

*उलझन* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 95

      अरे रमेश इतने दिन बाद दिखाई दिये हो,कहाँ थे?        सुरेश तुम,वास्तव में भाई काफी दिनों में मुलाकात हुई है।असल  मे भाई मैं बेटे के पास  विदेश चला गया था।इसी कारण मुलाकात नही हो पायी थी।खैर अब मिलते रहेंगे।        रमेश और सुरेश बचपन के मित्र थे।रमेश के एक बेटा था जो अमेरिका में जॉब कर रहा … Read more

जीत या हार – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 78

        मेरे पास एक पोस सोसायटी में एक अच्छा खासा फ्लैट था,मुझे इस फ्लैट में कोई दिक्कत भी नही थी।यह फ्लैट मेरे बेटे ने खरीदा था,उसने इसे खूब अच्छे से फर्निश करा रखा था।सबसे अच्छी बात यह थी इसी फ़्लैट में उसने एक खूब सुंदर मंदिर भी बनवाया था।मुझे मंदिर में बैठकर पूजा करना काफी सुकून … Read more

*खुलना ग्रंथि का* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 41

           अरे अदिति अपने अस्तित्व को पहचानो,जब हर पल कचौटा जाता है, अपमानित किया जाता है तो फैसला तो तुम्हे लेना ही पड़ेगा।        तुम ठीक कह रही हो सपना।फैसला तो करना ही पड़ेगा।तुम मेरी बचपन की सखी हो,इसीलिये तुमसे अपने मन की हर बात शेयर कर लेती हूँ, इससे मेरा मन भी हल्का हो जाता है। … Read more

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