मैं भी तुम्हारी माँ हूँ – प्रीति आनंद
आज श्यामली पहली बार मोहित की माँ से मिलने उसके घर जा रही थी। “माँ!” कितना तरसी है वह इस शब्द से बंधे रिश्ते को शिद्दत से महसूस करने व जीने को। तीन वर्ष की थी जब माँ गुजर गई थी। पापा को शायद उसका पालन-पोषण मुश्किल लगा होगा इसलिए उन्होंने नई मम्मी को ये … Read more