गलतफहमी – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral stories in hindi
Moral stories in hindi : भरी दोपहरी दरवाजे की घंटी, “ट्रिन ट्रिन “! “ओह चैन नहीं लेने देते ,अब इस समय कौन? “हाथ का काम छोड़ कुंडी खोलने लगी। “मम्मी… कैसी हैं आप? पापा कहाँ हैं? भैया -भाभी ,दीदी-जीजा जी बच्चे…?” मुनिया की चिरपरिचित मुस्कान मीठी आवाज। “कब आई “मैं आश्चर्यचकित कभी उसे और साथ … Read more