बहन की शादी – डाॅ उर्मिला सिन्हा’ : Moral Stories in Hindi

New Project 46

“जरी जरी मेरी साड़ी सलमा सितारा जरी सड़िया पहन मैं छत पर गई थी गरी गरी मेरी साडी़ सजना के दिल में गडी़। “ झूमर गाती महिलाएं  … रमा को अपना पति यश याद आ गया। ढोलक पर थाप देती ललनाओं की मंडली… गाने के धुन पर नाचती… बहु बेटियां… संपूर्ण घर आँगन में विवाहोत्सव … Read more

मेरा खत – डाॅ उर्मिला सिन्हा Moral Stories in Hindi

New Project 36

प्यारी सखी,  मधुर स्मृति।   आज वर्षों बाद मैं तुम्हें पत्र लिख रही हूं। याद है  जब हम छुट्टियों में अपने अपने घर चले जाते थे तब ये चिट्ठियां  ही हमारा सहारा होती थी। हम कभी डाक से या कभी किसी हरकारे के हाथों एक-दूसरे को कुशलक्षेम भेजती।    उस कागज के टुकड़े में कितना कुछ … Read more

मेरे हमसफ़र – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral Stories in Hindi

New Project 2

तपती दोपहरी में घर से निकलना अपनेआप को लू-लहर के चपेटे में झोंक देना है। मुग्धा ने दुपट्टा खींचकर मुँह कान ढंकने का असफल प्रयास किया। न एक रिक्शा न कोई सवारी…।  वह लगभग दौड़ती हुई आगे बढी़। घर यहाँ से डेढ-दो किलोमीटर ही है लेकिन… भीषण गर्मी से सड़कें वीरान है। आज से कुछ … Read more

हीरो बनने की चाहत -डाॅ उर्मिला सिन्हा Moral stories in hindi

#प्रदत्त विषय -दिन में तारे दिखना  शीर्षक- हीरो बनने की चाहत 18/4/2024     अच्छे खाते-पीते घर के तीनों लड़कों को आज कल पढ़ाई में कम इधर-उधर की बातों में मन ज्यादा लगता था।  यश, गौरव और भूषण।      दर असल तीनों को मुंबई फिल्मी दुनिया में जाकर हीरो बनने की हार्दिक इच्छा थी। अपने शकल-सूरत पर कुछ … Read more

बंशी की तान – डाॅ  उर्मिला सिन्हा Moral stories in hindi

New Project 37

आधी रात को नींद उचट गई… कोई दूर में बांसुरी बजा रहा था। बांसुरी की मीठी करुण धुन राधिका उठ बैठी। बगल में पति यश मीठी नींद ले रहे थे… होंठो पर मुस्कान… शायद प्यारा सपना देख  रहे हों। गंगा किनारे बसे गाँव में यश  राधिका को गौना कराकर ले आया था। सुबह यश बोला, … Read more

बडा़ घर – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral Stories in Hindi

New Project 91

आजकल रति और उसका पूरा परिवार  खुशियों के समुंदर में गोते लगा रहा है। जमीन पर पाँव नहीं टिकते… आकाश छूने को बेताब हैं।    भला हो भी क्यों नहीं साधारण परिवार जिसमें पाँच -पाँच कन्याएं… देखने में सुंदर, गोरी चिट्टी ,काम-काज में होशियार लेकिन पिता के पास दहेज की पोटली नहीं …वैसे में बडी़ लड़की … Read more

ऐसे शब्द सुनकर मेरे खून खौल गये – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral stories in hindi

New Project 58

उपरी तल्ले में जोर-जोर से सामान पटकने… राहुल के चीखने और मीनू की सिसकियों की आवाज़ आ रही थी।  नीचे रमा का हृदय व्यथित हो गया। इसी उठा-पटक तेज मिजाज बदजुबानी के कारण आपस में बोल-चाल बंद थी।  लेकिन  सहृदय रमा का दिल हाहाकार कर बैठा, “जो भी हो हैं… देवर देवरानी ही न… बिना … Read more

रिश्तों की महक – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral stories in hindi

New Project 40

 जबसे नैना रमन की जिंदगी में आई है… बहार सी आ गई है। दोनों की नौकरी एक ही मल्टीनेशनल कंपनी में… और सोने पर सुहागा एक ही महानगर में।  दिन भर लैपटॉप में आंखें गडा़ये… एक ही गाडी़ से वापसी… कुछ बाहर से मंगवा लिया या मिलजुलकर बना- खा लिया… हंसे बोले… अपने-अपने घर बात … Read more

बेरंग से रिश्तों में रंग भरने का समय आ गया है – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral stories in hindi

  जबसे नैना रमन की जिंदगी में आई है… बहार सी आ गई है। दोनों की नौकरी एक ही मल्टीनेशनल कंपनी में… और सोने पर सुहागा एक ही महानगर में।  दिन भर लैपटॉप में आंखें गडा़ये… एक ही गाडी़ से वापसी… कुछ बाहर से मंगवा लिया या मिलजुलकर बना- खा लिया… हंसे बोले… अपने-अपने घर बात … Read more

अपना काम – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral stories in hindi

New Project 57

उसके आने से घर में सन्नाटा सा छा गया।अम्मा ने उसे सिर से पाँव तक घूर कर देखा।   साँवला रंग, तीखे नाक-नक्श ,गाल पर मचलते बालों का लट, कानों में लटकन, छींटदार सलवार कुर्ता  …स्टाइल से ली गई  आडी़ तिरछी चुन्नी  ऊंची ऐडी़ की सस्ती चमकदार सैंडल… बात-बात पर खिलखिलाती धवल दंतपंक्तियां। सीधी सादी अम्मा … Read more

error: Content is Copyright protected !!