जिम्मेदार कौन – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

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रिद्धि आज स्कूल से आई तो बहुत उदास और गुमसुम सी थी। न तो रोज की तरह आते ही मम्मी भूख लगी है का शोर मचाया और न ही मम्मी के गले मे बाहें डालकर झूमी। चुपचाप स्कूल ड्रेस चेंज कर खाना खाने लगी। न कोई उठापटक, न कोई शोर-शराबा। रोज जिसकी बातें खत्म होने … Read more

निर्णय – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

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शाम का समय था, आकाश में डूबते सूरज की नारंगी छटा बिखरी हुई थी। मंदिर के बाहर, लोग हाथ में पूजा और चढ़ावे की थाल लिए सरोज देवी की पूजा समाप्त होने का इंतजार कर रहे थे। सरोज देवी, 55 वर्षीय महिला, माथे पर बड़ी सी लाल बिंदी, माॅंग में सिंदूर की लंबी लाल रेखा … Read more

सौभाग्यवती भवः – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

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“नहीं, वह नहीं लगवायेगी।आप जाइए।” यह कहकर जैसे ही रूद्र दरवाजा बंद करके घर के अंदर आया, उसके कानों में गौरी की आवाज आई। वह बेहद ही धीमे और कमजोर स्वर में पूछ रही थी “ऐ जी, कौन आया था?” “मेहंदी लगाने वाली दीदी आई थी। मैंने मना कर दिया है। तुम आराम करो।” “अरे,यह … Read more

अहमियत – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

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“मम्मीजी,आज फ्रेंडशिप डे पर हम सभी फ्रेंड्स का मूवी और डिनर का प्रोग्राम है। मैं जाऊॅं ना? स्नेहा ने आशा भरी नजरों से मालती जी की ओर देखते हुए पूछा। “कबतक आ जाओगी?” “जी, रात में 9:30 बजे तक आ जाऊॅंगी।” “इतनी देर रात तक अकेले बाहर रहना घर की बहू-बेटियों को शोभा नहीं देता। … Read more

धोखा- श्वेता अग्रवाल  : Moral Stories in Hindi

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“कमला, तुम जरा इन सब डोंगों को बाहर डाइनिंग टेबल पर रखो। मैं सबको बुलाकर लाती हूॅं। कमरे में घुसकर गप्पे लड़ा रहे होंगे।” यह कहकर राधा किचन से निकलकर जल्दी-जल्दी कमरे की ओर बढ़ने लगी। एक -एक करके उसने घर के सारे कमरे देख लिए लेकिन, उनका कोई अता-पता नहीं था। कहीं छत पर … Read more

मुझे दादाजी-दादीजी चाहिए-श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

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“वंश बेटा, कैसी थी बर्थडे पार्टी? खूब मजे किए ना?” “हाँ, मम्मा|” “तो फिर इतने सेड क्यों लग रहे हो?” मनीषा ने अपने बेटे से पूछा| “मम्मा, मेरे दादाजी-दादीजी कहाँ हैं? मुझे भी अपने दादाजी- दादीजी के साथ रहना है| उनके साथ खेलना है| कहानियाँ सुननी है| पार्क जाना है| आज पता है, अंकुर के … Read more

यह बंधन है प्यार का – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

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“अरे वाह! आज तो लगता है,कोई बहुत खुश है | तभी तो गजलें गुनगुनाई जा रही है| ऑफिस से आकर सनी को गजलें गुनगुनाते देख मीनल ने हंसते हुए कहा| “हाँ, मीनल पता है मेरा प्रमोशन हो गया है| सैलरी भी डबल हो गई है| आज ही गणतंत्र दिवस के फंक्शन में चेयरमैन सर ने … Read more

प्यार भी तकरार भी – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

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“शीला, हद होती है किसी चीज की| आज तो तुमने कंजूसी की सारी हदें ही पार कर दी| क्या करोगी इतने पैसे बचाकर? रवि गुस्से से उबल रहा था| “पर,पहले बताइए तो मैंने किया क्या है?” “मेरे स्टेटस का तमाशा बना कर रख दिया है| दोस्तों के बीच मजाक बनकर रह गया हूँ| जब मैं … Read more

प्रेरणा – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

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अस्पताल में बेड पर लेटी प्रज्ञा के आँखों से आँसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। हाल ही में उसे ब्रेन ट्यूमर का पता चला जो कि बहुत ही क्रिटिकल स्टेज में था। उसे ऐसा महसूस हो रहा था  ज़िन्दगी ने एकबार फिर से उसे हाशिए पर लाकर पटक दिया हो। “मेरे साथ ही … Read more

सीख – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

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“आप करती क्या हैं, सारा दिन घर में?बस पाँव फैलाकर बैठी रहती हैं।” ऐसा कहकर पूनम पाँव पटकती हुई वहाँ से चली गयी। मीनू, पूनम के मुँह से ऐसी बातें सुनकर भौचक्की रह गयी। “यह क्या हो गया है इस लड़की को? कितनी बदतमीज हो गई है। ड्रेस जैसी छोटी सी बात के लिए  इतना … Read more

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