अस्तित्व – संजय मृदुल : Moral stories in hindi

New Project 69

मुझे किसी से कोई फर्क नही पड़ता। तुम हो या और कोई, समझे।  जी, मैंने सर झुकाए हुए कहा और अपने शरीर को धकेलते हुए कमरे से बाहर ले आई। पलकें नम हो रही थी और ऐसा लग रहा था चीख चीख कर रोऊँ। उनके ऐसे शब्द सुनकर मेरा खून खौल गया, लेकिन प्यार है … Read more

रिश्ते जोड़ता करवा चौथ – संजय मृदुल : Moral Stories in Hindi

New Project 59

Moral Stories in Hindi : “जीजी चाँद निकल आया जल्दी आ जाइये।” छोटी भाभी की छत पर से आवाज आई।  मन तो नही हो रहा था पर जाना तो पड़ेगा। ज्योति का ये मायके में पहला अवसर था करवा चौथ पर। और शादीशुदा जिंदगी का शायद आखरी। पंद्रह साल की शादी आज दांव पर लगी … Read more

रिश्ते की नई सुबह – संजय मृदुल : Moral Stories in Hindi

New Project 86

Moral Stories in Hindi : .. सुबह सुबह आश्रम के कार्यालय में हम बैठे थे, सावित्री मौसी के बारे में पूरी जानकारी देते। मौसी खामोशी से किनारे बैठी हुई है। मैनेजर ने कहा भाई साब काश ऐसे लोग और हो तो इन बुजुर्गों को कभी भीख न मांगना पड़े। बहुत बुरा लगता है हमें भी, … Read more

error: Content is Copyright protected !!