फिरोजी रंग की बॉर्डर वाली साड़ी – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

New Project 55

    अलमारी खोलकर जैसे ही अतुल्या ने फिरोजी रंग की बॉर्डर वाली साड़ी निकाली….  देखते ही तुरंत अंश ने कहा…    अरे …आज ये वाली साड़ी पहनोगी अतुल्या…..? मां की साड़ी …?    आज उनकी पहली बरसी है ….सारे रिश्तेदार , मेहमान आएंगे ….    हां अंश, आज मां जी की बरसी पर उनकी ही ये साड़ी पहनूंगी ….. … Read more

अंकुर – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

New Project 2024 05 05T225422.575

  बच्चों ने शर्मा जी के रिटायरमेंट को एक उत्सव का रूप देने की सोची , पता लगते ही शर्मा जी भड़क गए , अरे ये कोई खुशी का मौका है क्या… जो पार्टी रखी जा रही है ।  हां पापा …आज के जमाने में स्वस्थता के साथ रिटायरमेंट होना भी बहुत बड़ी खुशी की बात … Read more

चीख – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

New Project 98

   रुक जा रानी बिटिया….. मत  रो पापा आते ही होंगे…..पापा की गोद में जाना है …..अभी पापा को दिखाती हूं….. कहकर अनुष्का ने फोन लगाया वीडियो कॉल …….      कितनी देर में पहुंच रहे हैं अविरल…..?  देखो आपकी प्यारी बिटिया रानी आपके लिए रो रही है….. बस 10 मिनट में पहुंचने वाला हूं बेटा….. मम्मी को … Read more

माँ बूढ़ी होती है…प्यार परवाह बूढ़ा नहीं होता बेटा – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

New Project 78

सुनते हैं जी ….रात के 9:00 बज गए हैं अभी तक पूर्वांश लौटा नहीं है…. मुझे बहुत चिंता हो रही है ….कांता ने पति मनोहर से कहा …….आ जाएगा …मार्च का महीना है काम ज्यादा होगा….. मनोहर ने भी कारण बताकर कांता को आश्वस्त करना चाहा…। ये गतिविधि लगभग रोज का ही हो गया था…. … Read more

गोल्ड ही नहीं बोल्ड भी बहू चाहिए – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

New Project 96

मम्मी….. दादी मुझे ऐसा क्यों बोल रही है कहाँ जईबु बहिनी….. जहाँ जईबु आग लगा देबू ….(कहां जाओगी बहन यूपी में स्त्रीलिंग को बहन का संबोधन करके बोलते हैं) जहां जाओगी वहां आग ही लगा दोगी।       सौम्या , अरु की बात सुनकर हँसने लगी और प्यार से समझाते हुए बोली…. नहीं बेटा , दादी तेरे … Read more

चुप एकदम चुप — संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

New Project 55

चुप एकदम चुप…..! एक शब्द भी नहीं बोलोगी तुम किसी से इस विषय पर समझी……। अब जो करना है मैं करुँगी श्वेता ने कड़े शब्दों मे डांटने के लहजे में समझाते हुए  नौ वर्षीय बेटी महक से कहा……! पर क्यों माँ क्यों….?  मैं चुप क्यों रहूँ , मेरी गलती क्या है…..मैंने क्या किया है महक … Read more

खूबसूरत पछतावा – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

New Project 44

 देखो भाग्यवान …..अब तुम्हारी तबीयत ठीक नहीं रहती , निर्जला व्रत रखने की आवश्यकता नहीं है , कुछ फलाहारी वगैरह ले लेना  । मैं तो कहता हूं अब व्रत रखना ही बंद  कर दो  । मुंगेरीलाल ने पत्नी विधि से कहा।        अच्छा , तो अब तुम मुझसे वो अधिकार भी छिनना चाहते हो , जो … Read more

मोहरा – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

New Project 2024 04 29T104516.742

  देख  वासु ….अब मैं तेरा एक नई सुनने वाली …तू शादी करेगा भी या नहीं …मुझे सच सच बता दे…..जब देखो शादी के नाम पर टाल-मटोल करता रहता है….32 साल का हो गया है बुढ़ा हो जायेगा तब शादी करेगा…? सुमित्रा जी ने शिकायत भरे लहजे में अपने बेटे वासु को हिदायत दी…….I             सुमित्रा जी … Read more

मामी डाँटती हैं – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

New Project 49

अरे आ गया मेरा लाल नानी के घर से….. माया ने अपने पोते आरव को प्यार से पुचकारते हुए कहा…. । हाँ आ गया दादी ….पर अब वहाँ कभी नहीं जाऊंगा ….मुंह बनाते हुए आरव ने दादी के गले लगते हुए कहा…। अरे क्या हो गया मेरे लाल को ….?? क्यों गुस्सा हो गया नानी … Read more

झूठी मां – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

New Project 2

   तेरे शादी करके चले जाने से मैं अकेली रह जाऊंगी ….इसलिए तू अभी शादी नहीं करेगी….. अरे न जाने किस मिट्टी की बनी है तू मेरी पोती ( श्रुति )…… शायद उसी मिट्टी की ….जिससे तेरी मां बनी थी….!       मेरे कुछ अमानवीय व्यवहार जो मैंने कभी तेरी मां के साथ किया था…. तुझे भी तो … Read more

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