एक बार फिर (भाग 18) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

पिछले भाग में आपने पढ़ा कि शेखर और प्रिया डिनर के बाद लॉन्ग ड्राइव पर जाते हैं जहां से वापस लौटते हुए कोई उन पर गोली चलाता है जो प्रिया को लगती है। वह उसे हास्पिटल ले जाता है। वहां उसको एडमिट करता है। मीडिया वाले वाधवा मेंशन पहुंच जाते हैं शेखर मीडिया को बयान … Read more

एक बार फिर (भाग 13) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : शेखर प्रिया को अपने साथ शॉपिंग पर ले जाता है। तभी प्रिया की दी का फोन आता है प्रिया फोन रिसीव करती है अब आगे- भाग-१३ हैलो दी दी क्या हुआ आप रो क्यों रहे हो??? शेखर ने गाड़ी रोक दी। प्रिया तेरे जीजा जी को हार्ट अटैक आया है। … Read more

एक बार फिर (भाग 11) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : प्रिया और उसकी दी की फैमिली के लिए शेखर के घर से इन्विटेशन आता है। दी उसे कहती है कि ऑफिस से सीधे यहां आ जाओ। हमें शाम को उनके घर जाना है। वो सोचने लगी ये दी भी न बड़ी अजीब हैं बहुत शौक लग रहा है उनके घर … Read more

एक बार फिर (भाग 10 ) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : प्रिया और शेखर के घरवाले मिल कर उनका रिश्ता तय कर देते हैं। प्रिया अपनी दी से कहती है कि आपने उस बदतमीज इंसान से मेरा रिश्ता तय क्यों किया?? दी कहती है कि मुझे तो वो अच्छा लगा। प्रिया दी का मन रखने के लिए हां कर देती है। … Read more

एक बार फिर (भाग 8 ) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi शेखर प्रिया के घर आता है और उसे कहता है कि उसे फोन पर अनब्लाक कर दे। नहीं तो वह उससे रोज मिलने आएगा। अब आगे- वो टहलने के बाद अंदर आ कर बेडरूम में लेट गई। फोन बजा तो शेखर का ही फोन था। उसने नहीं उठाया। जब दूसरी कॉल … Read more

एक बार फिर (भाग 7 ) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : जब कविता के साथ शेखर प्रिया के घर आया तो उसने कहा कि वो दो दिन यहीं रूकेगा उसे किसी से मिलना है। तो प्रिया बेचैन हो गई। कि ये मेरी ही बात कर रहा है अब आगे- उसने अपने आप से कहा ऐसे नहीं चलेगा ये मेरी नरमदिली का … Read more

एक बार फिर (भाग 6 ) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : शेखर की हरकतों से परेशान हो कर प्रिया ने उससे बातचीत का फैसला किया अब आगे- दी के घर दो दिनों तक रह कर वह वापस आ गई। अगले दिन ऑफिस था। ऑफिस जा कर उसे तरोताजा महसूस हो रहा था। वो शेखर के बारे में बिल्कुल सोचना नहीं चाहती … Read more

एक बार फिर (भाग 5 ) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi प्रिया का दिमाग शेखर के बारे में सोच सोच कर परेशान हो गया था। कल फिर उससे मिलना होगा। सोचते सोचते वो सो गई अब आगे- अगले दिन सुबह उठी सिर भारी था। ब्लैक टी बना एक बिस्किट खा कर डिस्प्रीन निगल कर वापस लेट गई। आधा घंटे बाद उठी तो … Read more

एक बार फिर (भाग 4 ) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  :प्रिया अपने घर पहुंच कर लॉक खोल ही रही थी कि पीछे से आवाज आई अच्छा तो आप यहां रहती हैं?? अब आगे- आवाज सुनकर उसके प्राण सूख ग‌ए। चाभी हाथ से गिर गई। जल्दी से पीछे घूमी तो लड़खड़ा गई शेखर ने आगे बढ़कर उसे मजबूती से थाम लिया। वो … Read more

एक बार फिर (भाग 3 ) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : प्रिया कविता के घर लंच पर जाती है। यहां उसकी मुलाकात उस इंसान से होती है जो उसे रास्ते में मिला था। वह कविता की मौसेरी सास का बेटा शेखर है। वापस लौटते हुए देर होने पर न चाहते हुए भी शेखर उसे छोड़ने आता है। अब आगे- आगे जाकर … Read more

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