प्यास लगने पर कुआं नहीं खोदा जाता – पूर्णिमा सोनी : Moral stories in hindi

New Project 35

कितना अच्छा लड़का मिल रहा है!.. मौसी ने बताया है .. कितनी अच्छी मां हैं लड़के की, कितने प्यार से बात कर रही थीं.. अच्छे से रखेंगी हमारी वर्तिका को….  भई हमें तो पसंद है यह रिश्ता पसंद है.. मैं तो कहती हूं जी, हमें फटाफट शादी की तैयारी करनी चाहिए.. लेकिन मां,मेरा मास्टर्स करने … Read more

मां कहती थी- पूर्णिमा सोनी : Moral stories in hindi

New Project 59

प्रीति ने सभी काम भलीभांति समेट दिए थे। सुबह का खाना निपटाने के बाद चौका साफ कर दिया था। जब तक वो सबको खाना खिला कर, स्वयं खाना खाती, तब तक ( सासू मां) मम्मी जी के चाय पीने का समय हो जाता। उसने चाय का भगोना चढ़ा कर सबको चाय भी पिला दिया… सब … Read more

खुशियों की तलाश! – पूर्णिमा सोनी : Moral stories in hindi

New Project 57

विन्नी  सीढियां चढ़ते हुए ऊपर पहुंची और धीरे से दरवाजे को धक्का दिया, दरवाजा खुला हुआ था अरे आओ.. कब आई पता ही नहीं चला, सरिता जी ने कहा हां, नीचे वाला दरवाजा खुला देखकर मैं समझ गई थी कि आप घर पर ही हैं… विन्नी ने सोफे पर बैठते हुए कहा आज मोलू और … Read more

मां की साड़ी!! – पूर्णिमा सोनी: Moral Stories in Hindi

New Project 47

Moral Stories in Hindi : – मां बहुत ही ग्रेसफुल तरीके से साड़ी पहना करती  थी। उनके गरिमामई व्यक्तित्व की चर्चा सभी ओर थी मुझे याद नहीं कभी जल्दबाजी में भी वो अच्छे से तैयार ना हुई हों।   बालों का जूड़ा बना कर, साड़ी को सलीके  से पिनअप करके , हाथ में घड़ी लगा कर, … Read more

अब जाकर आंखें खुली हैं!!-  पूर्णिमा सोनी : Moral Stories in Hindi

New Project 40

Moral Stories in Hindi : आंगन में पड़ी तख्त पर ढेर सारे सामान,सजे पड़े थे। अर्पिता के भैया अंकित अभी – अभी राखी बंधवा कर गए हैं!  यूं तो भैया अपने काम में बहुत व्यस्त रहते हैं… और इस बार तो बोला भी था, मुझे बिजनेस के काम से कहीं निकलना था, तो शायद रक्षा … Read more

मोगरे के फूल – पूर्णिमा सोनी : Moral Stories in Hindi

New Project 43

विश्वनाथ जी स्वयं ,खुरपी लेकर गुड़ाई करने के बाद, पानी का पाइप पकड़ कर सभी पौधों में पानी डाल रहे हैँ। भैय्या  आज तो शाम को रिसेप्शन है…. आज तो रहने देते.. किसी और को.. किसी नौकर चाकर को कह देते। बहन दमयंती ने कह तो दिया, मगर ये अच्छी तरह जानती है कि भाभी,दया … Read more

बदलते कल की ओर – पुर्णिमा सोनी: hindi stories with moral

New Project 60

hindi stories with moral :मां  रोटी सेंक रही है.. कैसी सोंधी महक उठ रही है,बैंगन का भर्ता और दाल चावल भी।  सभी भाई बहनों को मां ने गर्मागर्म दाल चावल ,भर्ता , उसमें बहुत सारा घी डालकर परोस दिया। बस कौर उठाया ही था कि बाबूजी के आने की आवाज आई… बाबू जी के खाना … Read more

घर है, कोई होटल नहीं!! – पूर्णिमा सोनी : hindi stories with moral

New Project 11

hindi stories with moral : बस- बस… यहीं रख देते हैं बेड, सुवर्णा ने बेड को जमीन पर टिका दिया। बाकी बड़े फर्नीचर और सामान पहले ही कुछ हेल्पर की मदद से अपने स्थान पर रख दिए हैं। थोड़ा बहुत  खींच, खिसका कर एडजस्ट करना अलग बात है। बेड के लिए इससे उपयुक्त जगह नहीं … Read more

पिया का घर प्यारा लगे!! – पूर्णिमा सोनी: Moral stories in hindi

New Project 2024 04 29T104436.080

Moral stories in hindi  : डरी (सहमी) सी ससुराल की देहरी पर खड़ी थी… अपने घर से काफी दूर…. घर था पिया का बस के लंबे सफर के बाद .. यहां पहुंची थी! सबसे सुन रही थीं.. तुम्हारी अम्मा ( सासू मां) जरा स्वभाव की तेज़ हैं एक तो वो ( नादान,कम अनुभवी) लड़की जिसका … Read more

रिश्तों की गर्माहट! – पूर्णिमा सोनी   : Moral stories in hindi

New Project 2024 04 29T104905.495

Moral stories in hindi  : ‘ किट्टू अभी किचन में काम समेट कर बाहर निकलने  ही वाली थी कि डोर बेल बजी कब से रोहन कह रहे हैं कि चाय पिला दो.. हालांकि वो किट्टू को किचन में काम करते देख कर चुप हो गए.. पता है फुर्सत होते ही चाय बना कर लाएगी.. रजाई … Read more

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