पुनर्मिलन (भाग 1) – डॉ. पारुल अग्रवाल : Moral stories in hindi

moral stories in hindi : आज सिया ऑफिस से घर पहुंची ही थी तो देखा उसके पतिदेव निशांत उसके आने से पहले ही घर आ चुके थे। हमेशा तो वो उसके आने के बाद ही घर आते थे। सिया को निशांत के घर पर देखकर बहुत अच्छा लगा पर उसके चेहरे पर परेशानी के भाव … Read more

कलाकृति (अंतिम भाग )-डॉ पारुल अग्रवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : थोड़े समय बाद जब बीमारी पर थोड़ा नियंत्रण हुआ तो स्कूल भी खुल गए। तीनों बच्चे एक साथ स्कूल जाते और आते। बच्चों के स्कूल आने पर अमृता अपने दोनों बच्चों को गले से लगाती पर पीहू को देखकर जैसे पत्थर हो जाती।वो बच्ची भी पता नहीं जैसे सब कुछ … Read more

कलाकृति (भाग 2)-डॉ पारुल अग्रवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : सास ने भी अमृता की भावना को ना समझते हुए दिव्या का ही साथ दिया। सुधाकर ने भी अमृता की तरफ से बोलना चाहा तो सास ने उनको भी चुप करा दिया। सास ने अमृता को बहू के कर्तव्य याद दिलाते हुए वो झुमके दिव्या को दिला दिए। बेटे के … Read more

पैसों की खनक (भाग 2 )- डॉ.पारुल अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : उसका दिल तो बहुत दुखा था पर फिर भी उसने ये सोचा कि पापा ने उसकी पढ़ाई और शादी में बहुत खर्च किया है। पापा ने अच्छी शिक्षा देने के लिए कभी भी उस पर कोताही नहीं की। शायद अब उनकी कोई मजबूरी रही होगी,ऐसा सोचते हुए इस बात को … Read more

पैसों की खनक (भाग 1)- डॉ.पारुल अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : दिव्या के मायके से बार बार फोन आ रहे थे। वैसे तो उसकी शादी के बाद जबसे पापा के रिटायरमेंट हुआ है और भाईयों की अपनी गृहस्थी हुई है तबसे उसको बुलाने के लिए कभी इतने फोन नहीं आए फिर ये पिछले दो दिन से क्यों आ रहे हैं वो … Read more

लौट आओ अपराजिता (अंतिम भाग ) – डॉ. पारुल अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

अब तक आपने पढ़ा कि कैसे कार्तिक के जाने के बाद अपराजिता सब कुछ भुलाकर अपने प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में जुट जाती है और प्रथम बार में ही सफल भी हो जाती है। सफल होने के बाद वो अपने सास ससुर की दशा देखकर कार्तिक को कहीं ना कहीं से ढूंढ निकालने का वादा … Read more

लौट आओ अपराजिता (भाग 3) – डॉ. पारुल अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

दूसरे भाग में आपने पढ़ा कैसे मध्यमवर्गीय परिवार की सुंदर और संस्कारी अपराजिता अमीर घराने के बिगड़े बेटे कार्तिक की पत्नी बन जाती है। अब आगे…. अभी तक सब कुछ देखने में बहुत सुंदर लग रहा था। मनोहर लाल जी बहुत प्रसन्न थे। कार्तिक और अपराजिता की सुंदर जोड़ी पूरे खानदान में ही नहीं शहर … Read more

लौट आओ अपराजिता (भाग 2) – डॉ. पारुल अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

जैसा कि आप लोगों ने प्रथम भाग में पढ़ा अपराजिता जो कि जिलाधीश है,प्रदेश में चुनाव के चलते सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सुदृढ़ बनाए रखने के लिए काफ़ी व्यस्त चल रही थी पर चुनाव के अच्छे ढंग से निबटने के बाद उसको बहुत दिनों के बाद अवकाश मिलता है। जिसमें वो किसी अज्ञात लेखक … Read more

लौट आओ अपराजिता (भाग 1) – डॉ. पारुल अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

प्रदेश में होने वाले चुनावों की वजह से शांति व्यवस्था बनाए रखनी की सारी जिम्मेदारी शहर की जिलाधीश अपराजिता के कंधों पर थी। आज चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हो गए थे। अभी परिणाम आने में थोड़ा समय था। इतने दिन से शांति व्यवस्था सफलतापूर्वक बनाए रखने के लिए वो और उसकी टीम दिन रात एक किए … Read more

अति सर्वत्र वर्जयेत् (भाग 3)- डा.पारुल अग्रवाल: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : उन्होनें ने भी फोन पर चित्रा की कोई बात सुने बिना भाई भाभी की बात मानने की सलाह दी। चित्रा बहुत अकेली पड़ गई थी। वो पूरी रात सोई नहीं थी। अगले दिन सुबह वो पास के एक मंदिर में गई,जहां वो अक्सर जाती थी। वहां उसके भजन और शुद्ध … Read more

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