परिणय सूत्र (भाग 1) – डॉ. पारुल अग्रवाल

कल चित्रा अमन की दुल्हन बनने जा रही है। उम्र के तीसरे पड़ाव पर आकर कल वो कोर्ट में एक दूसरे के जीवनसाथी बन जायेंगे। चित्रा को बार बार अपनी पिछली जिंदगी का बीता हुआ हर लम्हा याद आ रहा था। उसे लग रहा था कि हम चाहें कितनी भी योजनाएं बना लें पर होता … Read more

ममत्व की डोर – डॉ. पारुल अग्रवाल

New Project 2

अवनी अपने सपनों की दुनिया में खोई हुई थी, तभी मां ने झंझोड कर हिलाया और बोला उठ जा बेटा नहीं तो मेडिकल कॉलेज जाने में देर हो जायेगी। वैसे तो उसे अपनी नींद से समझौता करना गवारा ना था पर फिर भी कुछ बनने के एहसास ने उसको उठा ही दिया। तैयार होकर वो … Read more

गृहस्थी की पंच परमेश्वर (भाग 2) – डॉ.पारुल अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

आदित्य की मां सीधी साधी थी वो शोभा से अगर किसी काम को कहती तो वो उल्टे जवाब देकर उनको चुप करा देती। बेटे की नई गृहस्थी है ये सोचकर आदित्य के माता-पिता अपना दर्द दिल में छुपाकर आदित्य के सामने सामान्य बने रहते। पर बातें कितने दिन तक छुप सकती थी। एक दिन आदित्य … Read more

गृहस्थी की पंच परमेश्वर (भाग 1) – डॉ.पारुल अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आदित्य का वकालत के क्षेत्र में बहुत ही प्रसिद्ध नाम था। वैसे तो उसकी उम्र बहुत ज्यादा ना थी पर उसने बहुत ही कम समय में अपनी पहचान बना ली थी। ये माना जाता था कि वो जिस पक्ष के केस को अपने हाथ में ले लेता है वो अवश्य … Read more

वनवास (भाग 2)- डॉ. पारुल अग्रवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi :  आर्यन के मुंह से इतनी समझदारी की बात सुनकर नंदिनी ने भी उसका साथ देने का वायदा किया। उसने आर्यन को बताया कि कॉलेज के समय में रचना मानव नाम के लड़के से प्यार करती थी। दोनों एक साथ बहुत अच्छे लगते थे ऐसा लगता था कि दोनों एक दूसरे … Read more

वनवास (भाग 1)- डॉ. पारुल अग्रवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : आर्यन अठारह साल का आकर्षक सा किशोर जिसने अपनी बारहवीं की परीक्षा बहुत अच्छे अंको से पास की थी।आगे की शिक्षा के लिए उसका मन बाहर की यूनिवर्सिटी में जाने का था पर दिल के कोने में कहीं ना कहीं उसको अपनी मां की भी चिंता थी। असल में आर्यन … Read more

मां की पाती (भाग 2)- डॉ.पारुल अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : रीति इसका गुस्सा भी उन पर निकालती थी। जब रीति मां बनने वाली थी और अपने प्रसव के लिए मायके आई हुई थी। तब भी मां का उसके बेटी होने के बाद का जो चालीस दिन का समय होता है उसके खान पान के लिए वो चाची और बुआ से … Read more

मां की पाती (भाग 1)- डॉ.पारुल अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  रीति के पास पापा का फोन आया कि मां तीन दिन से हॉस्पिटल में भर्ती है और उनकी हालत ठीक नहीं है। रीति की पांच दिन से मां से कोई बात भी नहीं हुई थी। उनकी गंभीर हालत का सुनकर वो अपनी दो साल की बेटी को सास के पास … Read more

अपशगुनी – डॉ. पारुल अग्रवाल : moral stories in hindi

New Project 77

moral stories in hindi : सुमित्रा जी अपने छोटे बेटे के पास बैंगलोर आई हुई थी। आज उन्हें अपने बड़े बेटे अमन और उसकी पत्नी प्राची के साथ किए गए अपने बुरे बर्ताव पर आत्मग्लानि हो रही थी। आज उनका मन बार बार प्राची को अपशगुनी बोलने पर कचोट रहा था। असल में सुमित्रा जी … Read more

पुनर्मिलन (भाग 2) – डॉ. पारुल अग्रवाल : Moral stories in hindi

moral stories in hindi : ये सब उसका दिल दुखा जाता। जब पानी सर से ऊपर जाने लगा तब उसने अपने पति से इस बारें में बात की। पति से भी बात उसने बहुत संभलकर की क्योंकि कोई भी बेटा अपनी मां के खिलाफ़ कुछ नहीं सुन सकता। जब उसने अपनी समस्या पति के सामने … Read more

error: Content is Copyright protected !!