बोनस पर सिर्फ सासू मां का हक ( भाग 2) – निशा जैन   : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : मां क्या  आप  जानती हैं कि मैं शादी से पहले नौकरी करती जरूर थी पर सिर्फ अपने टाइम पास और जेब खर्च के लिए पर अब मैं नौकरी करती हूं अपनी पहचान बनाने के लिए और उसके लिए हिम्मत मुझे आपसे मिली है। जब आपने मुझे ये कहकर समझाया कि … Read more

बोनस पर सिर्फ सासू मां का हक ( भाग 1) – निशा जैन   : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : सुनो शिवि मैं ऑफिस के बाहर खड़ा हूं, आ जाओ पांच मिनट में…. अनुज ने फोन करके बोला  हां अनुज आती हूं अभी बस … और शिवि रुपए अपने पर्स में रखती हुई नीचे आ जाती है और अनुज के साथ कार में बैठ जाती है।  अरे वाह मैडम आज … Read more

आज तो तूने मेरी माँ बन कर दिखा दिया बिटिया (भाग 1) – निभा राजीव “निर्वी”

“अरे आप भी ना….आप अभी तक निमंत्रण पत्र बांटने नहीं निकले…. अखबार आता नहीं है कि हाथ धोकर उसके पीछे पड़ जाते हैं…. जल्दी जाइए ना! मुझे भी परिधि को लेकर गहनों की दुकान पर जाना है। कितने सारे काम पड़े हैं अनिकेत को भी साथ ले लीजिए, थोड़ी मदद होगी!”…. गीता जी ने स्नेहपूर्ण … Read more

मेरी पहचान घर के काम से है ( भाग 2) -निशा जैन : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : पर आज पार्टी के लिए सुबोध के दोस्तों ने बहुत जोर देकर कहा कि यार एक बार तो भाभी से मुलाकात, जान पहचान कराओ या बस उनके हाथ का खाना खिलाकर ही पेट भरता रहेगा या फिर हम उनसे मिलने लायक ही नहीं….. नही यार ऐसा कुछ नही, सुहाना को … Read more

मेरी पहचान घर के काम से है ( भाग 1) -निशा जैन : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : आज सुहाना बहुत घबराई हुई थी अपनी पहचान, अपने परिचय को लेकर क्योंकि वो सुबोध के साथ ऑफिस पार्टी में जो जा रही थी। “सुबोध के सारे दोस्तों की पत्नियों की पहचान उनके काम से थी क्योंकि कोई इंजीनियर तो कोई डॉक्टर या कोई टीचर जो थी। वो सोच रही … Read more

उम्मीद की किरण (भाग 2) –  निधि जैन : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : इनकी कड़वाहट दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, अब इसे तुम्हे मिटाना होगा, मुझे तुम्हारे अंदर उम्मीद की एक रोशनी दिखाई देती है, मेरे ना रहने के बाद तुम्हे इस पेड़ को संभालना है, वादा करो कि तुम इस घर में उठी इस कड़वाहट को मिटा दोगे। जी बाबूजी मैं आपसे … Read more

गरम होना – निशा जैन : Moral Stories in Hindi

सुनिए जी आपका ये बात बात पर गरम होने के स्वभाव की वजह से बच्चे आपसे कहीं दूरियां न बढ़ा ले.. कामिनी ने अपने पति सुबोध से कहा जो रोज ऑफिस से आते ही खेल कूद कर रहे , हल्ला गुल्ला कर रहे बच्चों को झिड़क देता ये कहकर कि तुम लोग शांत नही रह … Read more

कुछ तो लोग कहेंगे – निशा जैन : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : पिताजी संध्या के लिए गोयल साहब के बेटे अनुज का रिश्ता आया है। मै सोच रहा हूं, हां कर दूं नीलेश ने अपने पिता( दीनदयाल) जी से पूछा ये क्या बोल रहा हैं तू? कुछ सोचा हैं लोग क्या कहेंगे? थू थू करेंगे हमारे खानदान पर।  इतने बड़े समाज में … Read more

आत्मनिर्भरता बनी पहचान (भाग 2) – निशा जैन: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : लीना किसी को  कुछ नही बोलती बस अपने आप को सबके सामने नीचा महसूस करती थी और रोज सबको ऐसे सुन सुनकर उसके मन को बड़ी चोट पहुंचती थी । उसका आत्मविश्वास भी धीरे धीरे कम हो रहा था                कुछ दिनो बाद लीना बीमार रहने लगी , डॉक्टर को दिखाया … Read more

आत्मनिर्भरता बनी पहचान – निशा जैन: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : लीना मध्यम वर्गीय परिवार की पढ़ी हुई सभ्य , सुशील लड़की थी। पढ़ाई में शुरू से ही होशियार थी । अब तक की पूरी पढ़ाई प्रथम श्रेणी से पूरी की थी और दसवीं कक्षा में तो उसे गार्गी पुरस्कार भी मिला था जो सरकार की तरफ से मिलता है। बहुत … Read more

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