गुड टच ,बैड टच – निशा जैन : Moral stories in hindi

पीहू… पीहू कहां है बेटा  कितना तंग करती है अपनी मम्मी को कहां छुप गई मेरी परी? जल्दी आ ,देख मैने तेरे पसंद की मैगी बनाई है। मैगी का नाम सुनते ही परदे के पीछे छुपी पीहू झट से मम्मी की गोद में आकर बैठ गई और झट से मैगी चट कर गई। पीहू को … Read more

जिम्मेदारियां कभी खत्म नहीं होंगी बस समय को चुराना पड़ेगा – निशा जैन  : Moral stories in hindi

बधाई हो शशि जी अब तो तीनों बच्चों की शादी हो गई,( दो बेटा और एक बेटी) सारी जिम्मेदारियों से मुक्त हो गई आप। देखते हैं सुलोचना जी जिम्मेदारी से मुक्त हुई हूं या जिम्मेदारी बढ़ेगी समय के साथ… अरे भाग्यवान अब कौनसी जिम्मेदारी बढ़ेगी तुम्हारी? अब तो मेरे साथ चारधाम की यात्रा पर चलो…. … Read more

बेटी के जन्म की दुगुनी खुशियां मनानी चाहिए – निशा जैन : Moral Stories in Hindi

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Moral Stories in Hindi : जानकी जी अपने पति कैलाश जी से बोली सुनिए जी इस बार कहे देती हूं हमारे आकाश और आरती के बच्चे के जन्म की बहुत बड़ी दावत देंगे हम सबको, भगवान  बड़ी मुश्किल से चार सालों बाद हमे दादा दादी बनने का सुख देने जा  रहे हैं। हां हां क्यों … Read more

हर बीमारी का इलाज सिर्फ दवा नही होती ( भाग 1) – निशा जैन : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : श्रुति की शादी हुए अभी चार महीने ही हुए थे पर उसके चेहरे की रौनक जाती जा रही थी।  शादी से पहले श्रुति गोरी चिट्टी सुंदर, गुलाबी गाल उस पर पड़ते डिंपल उसके रूप में और चार चांद लगा देते पर अब उसका रूप बिखरता जा रहा था। उसकी शादी … Read more

बोनस पर सिर्फ सासू मां का हक ( भाग 2) – निशा जैन   : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : मां क्या  आप  जानती हैं कि मैं शादी से पहले नौकरी करती जरूर थी पर सिर्फ अपने टाइम पास और जेब खर्च के लिए पर अब मैं नौकरी करती हूं अपनी पहचान बनाने के लिए और उसके लिए हिम्मत मुझे आपसे मिली है। जब आपने मुझे ये कहकर समझाया कि … Read more

बोनस पर सिर्फ सासू मां का हक ( भाग 1) – निशा जैन   : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : सुनो शिवि मैं ऑफिस के बाहर खड़ा हूं, आ जाओ पांच मिनट में…. अनुज ने फोन करके बोला  हां अनुज आती हूं अभी बस … और शिवि रुपए अपने पर्स में रखती हुई नीचे आ जाती है और अनुज के साथ कार में बैठ जाती है।  अरे वाह मैडम आज … Read more

आज तो तूने मेरी माँ बन कर दिखा दिया बिटिया (भाग 1) – निभा राजीव “निर्वी”

“अरे आप भी ना….आप अभी तक निमंत्रण पत्र बांटने नहीं निकले…. अखबार आता नहीं है कि हाथ धोकर उसके पीछे पड़ जाते हैं…. जल्दी जाइए ना! मुझे भी परिधि को लेकर गहनों की दुकान पर जाना है। कितने सारे काम पड़े हैं अनिकेत को भी साथ ले लीजिए, थोड़ी मदद होगी!”…. गीता जी ने स्नेहपूर्ण … Read more

मेरी पहचान घर के काम से है ( भाग 2) -निशा जैन : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : पर आज पार्टी के लिए सुबोध के दोस्तों ने बहुत जोर देकर कहा कि यार एक बार तो भाभी से मुलाकात, जान पहचान कराओ या बस उनके हाथ का खाना खिलाकर ही पेट भरता रहेगा या फिर हम उनसे मिलने लायक ही नहीं….. नही यार ऐसा कुछ नही, सुहाना को … Read more

मेरी पहचान घर के काम से है ( भाग 1) -निशा जैन : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : आज सुहाना बहुत घबराई हुई थी अपनी पहचान, अपने परिचय को लेकर क्योंकि वो सुबोध के साथ ऑफिस पार्टी में जो जा रही थी। “सुबोध के सारे दोस्तों की पत्नियों की पहचान उनके काम से थी क्योंकि कोई इंजीनियर तो कोई डॉक्टर या कोई टीचर जो थी। वो सोच रही … Read more

उम्मीद की किरण (भाग 2) –  निधि जैन : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : इनकी कड़वाहट दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, अब इसे तुम्हे मिटाना होगा, मुझे तुम्हारे अंदर उम्मीद की एक रोशनी दिखाई देती है, मेरे ना रहने के बाद तुम्हे इस पेड़ को संभालना है, वादा करो कि तुम इस घर में उठी इस कड़वाहट को मिटा दोगे। जी बाबूजी मैं आपसे … Read more

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