पछतावे के आसूं – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

New Project 41

अरे श्रीधर देर मत कर, जल्दी से आजा। एक बार लड़का देख ले बहुत अच्छा लड़का है। सुंदर, पैसे वाला, एकलौता और क्या चाहिए। मधुलिका के लिए बहुत अच्छा रहेगा। बुआ जी लड़के की प्रशंसा के पुल बांधे जा रही थी।  ठीक है दीदी मैं घर में बात करके आपको बताता हूं। हां, हां कर … Read more

भाभी – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

New Project 83

अरे रत्ना जरा जल्दी कर। देख बारात दरवाजे तक आने ही वाली है। निर्मला चाची परेशान सी रत्ना से बोली। निर्मला चाची रत्ना की चचेरी सास थी। आज रत्ना की छोटी नंद विभा की शादी थी। वही रत्ना को सब कामों और रीति-रिवाजों के बारे में बता रही थी। क्योंकि रत्ना की सास का उसकी … Read more

अपमान – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

New Project 60

शशिकांत जी के यहां बहुत बड़ी पार्टी का आयोजन किया गया था। आज वे बैंक मैनेजर के पद से रिटायर हुए थे। दो साल पहले वे अपने दोनों बच्चों की शादी करके उनकी जिम्मेदारी से भी मुक्त हो चुके थे। लड़की की ससुराल बहुत अच्छी थी। और वह अपने ससुराल में खुश थी। बेटे ने … Read more

मन का रिश्ता – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

New Project 34

संगीता की शादी को सात साल बीत चुके थे । इस बीच में उसके पति अभय का पांचवी बार ट्रांसफर हुआ था। यूं तो वह बहुत मिलनसार और हंसमुख स्वभाव की थी। सबसे जल्दी ही घुल- मिल जाती थी । लेकिन जहां शादी के बाद वह पहली बार अपने पति के साथ नौकरी पर गई, … Read more

आखिरी फैसला – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

New Project 34

मम्मी, मम्मी मैं यह शादी नहीं करूंगी।  पापा मेरी बात बिल्कुल नहीं मानेंगे। और दादी ,दादी तो बस अपने सामने मेरी शादी करने के लिए तुली हैं। मम्मी अभी मेरी उम्र ही क्या है ?इंटर ही तो पास किया है । मैं आगे पढ़ना चाहती हूं, मां अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती हूं। निशा … Read more

भाग्यहीन – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

New Project 49

चारों तरफ हाहाकार…रोने पीटने की आवाज़ें…हर कोई ग़म से सरोबार। विनय के मम्मी, पापा, भाई, बहन और रिश्तेदार सबका रो रोकर बुरा हाल था। लेकिन निधि, निधि तो जैसे पत्थर सी हो गई थी। विनय के शहीद होने की खबर सुनकर वो तो बस शून्य में ताक रही थी और कभी-कभी अपने मेंहदी लगे हाथों … Read more

किस्मत_वाली – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

New Project 97

आज अवस्थी जी की इकलौती बेटी रिया की शादी थी। रिया जो एक अच्छी पढ़ी-लिखी संस्कारी और सुंदर थी। पहली बार में ही लड़के वालों को पसंद आ गई थी। बेटी की विदाई के बाद रिया के मम्मी पापा अपने आप को बिल्कुल अकेला महसूस कर रहे थे। उधर रिया भी ससुराल में आकर अपने … Read more

बहुरानी – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

New Project 88

सुनंदा जी का बेटा नितिन और बहु नीतिका विदेश में रहते थे। उन्होंने आज ही उन्हें दादी बनने की खबर दी थी। जिसे सुनकर सुनंदा जी बहुत खुश थी। सुनंदा जी ने ये खुशखबरी अपने पति रमाकांत जी को दी और कहा चलो मंदिर में प्रसाद चढ़ाकर आते हैं। नितिन की शादी के 6 साल … Read more

अफसोस – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

New Project 11

ट्रेन धड़-धडाते हुए उज्जैन की तरफ दौड़ी चली जा रही थी और काव्या अपने अतीत के गलियारे में खोई थी। आज भी उसे उस दिन का अफसोस था। जब उसने अपने माता-पिता की बातों को अनसुना कर घर से भाग जाने का निर्णय लिया। और अपना व अपने मम्मी-पापा का मान सम्मान सब तार-तार कर … Read more

सिंदूर – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

New Project 45

नव्या और नितिन के कॉलेज का यह पहला दिन था। सभी बच्चे एक दूसरे से मिलजुल कर दोस्ती करना चाहते थे। नव्या जो  कि एक छोटे से कस्बे से पहली बार शहर में आई थी, इतने बड़े कॉलेज और फैशनेबल बच्चों को देखकर थोड़ा  असहज महसूस कर रही थी।  तभी उसे अपने पीछे से आवाज … Read more

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