खुशियों के दीप – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi
शकुन के चेहरे की खुशी आज देखते बन रही थी।सही मायने में तो दीपावली आज मन रही थी शकुन के घर खुशियों के दीप जो जले थे। नाचती फिर रही थी शकुन ।आज तीन सालों बाद घर में खुशियों के दीप जलें है । नन्ही मुस्कान भी नई मां की गोद पाकर खुश थी । … Read more