खराब किस्मत – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

New Project 60

Moral Stories in Hindi : कृष्णा अपने छोटे से परिवार के साथ बहुत खुश थी ।दो प्यारे प्यारे बच्चे और पति का छोटा सा बिजनेस था। ज्यादा कुछ नहीं था फिर भी कृष्णा खुश रहती थी । जबतक बच्चे पंद्रह साल के हुए तब तक सबकुछ अच्छा चल रहा था हंसी खुशी से समय कट … Read more

शिकायत – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

New Project 80

Moral Stories in Hindi : शादी के पच्चीस साल बीत जाने के बाद भी ज्योति को अपने मां बाप और अपने सांस ससुर से शिकायत थी ।वो अपने साथ हुए छल को कभी भूल नहीं पाती है। जौनपुर छोटी सी जगह से थी ज्योति घर में पैसों की तंगी थी दो बहनें और एक भाई … Read more

काश ? – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

New Project 68

Moral Stories in Hindi : भारती भाभी के आंसू अभी भी रूकने का नाम नहीं लेते। दरअसल हुआ यों कि अभी तीन महीने पहले राजेन्द्र भाई का स्वर्गवास हो गया सदमे में इसलिए है कि वो बिल्कुल स्वस्थ थे कोई परेशानी नहीं थी ।                   राजेन्द्र भाई रोजमर्रा की तरह सुबह दस बजे तैयार होकर दुकान … Read more

जलनखोर – मंजू ओमर  : Moral Stories in Hindi

New Project 80

Moral Stories in Hindi : मीनू और रेखा दोनों देवरानी जेठानी थी । दोनों की उम्र में कोई पांच साल का अंतर होगा । दोनों करीब करीब कल काठी में एक ही लगती थी। जिठानी जी का थोड़ा रंग साफ था और मीनू का रंग गेहुंआ था इसबात से जिठानी को बड़ा घमंड था । … Read more

कलंक – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

New Project 34

Moral Stories in Hindi : आज नयना जार जार रोए जा रही थी और उस दिन को कोस रही थी जब वह अपनी ननद के घर गई थी ।नन्द के बहू को छः साल बाद बच्चा हुआं था उसका दसटोन का कार्य क्रम था ।बड़ा हंसी खुशी का माहौल था खूब बड़ी पार्टी रखी थी … Read more

अरमान – मंजू ओमर : Moral stories in hindi

New Project 57

Moral stories in hindi : आज शिल्पी के अरमान सारे चकनाचूर हो गए।उदास चेहरा, खाली आंखें,बेतरबी से पहने हुए कपड़े, बेपरवाही से बांधे हुए बाल।उसे देखकर मन दुखी होता है सोंचता हूं क्या यह वही शिल्पी है, हंसती ,खिलिलाती,सजी संवरी सी ढंग का पहनावा , अल्हड़ , मदमस्त सी क्या हो गया क्या से क्या … Read more

जीवन का सच- मंजू ओमर: Moral stories in hindi

New Project 94

Moral stories in hindi  : सुंगधा आज नीली साड़ी में बहुत सुंदर लग रही थी। सिंपल सी साड़ी और माथे पर छोटी सी बिंदी, होंठों पर हल्की सी लिपस्टिक, कांधे तक बिखरे हुए कुछ ढीले से बने जुड़ा उसकी सुंदरता में चार चांद लगा रहे थे।जब भी वह बाहर निकलती लोग फब्तियां कसते। बड़े बुजुर्ग … Read more

मां का खयाल – मंजू ओमर : Moral stories in hindi

New Project 78

Moral stories in hindi  : मां तुम्हे यहां तकलीफ़ होती है, हालांकि ये घर भी तुम्हारा ही है , लेकिन मैं सुबह अपने काम पर चला जाता हूं और तुम्हारी बहू धरा भी अपने आफिस चली जाती है बच्चे स्कूल से जब तक आते नहीं तब तक तुम्हें अकेले रहना पड़ता है और देखो तुम्हारी … Read more

शक, का भी है इलाज – मंजू ओमर : Moral stories in hindi

New Project 97

Moral stories in hindi : शक एक ऐसा कीड़ा है जो धीरे धीरे रिश्ते को खा जाता है। किसी जोड़े में एक भी व्यक्ति यदि शक से पीड़ित हैं तो एक समय ऐसा आता है कि रिश्ता रहा ही नहीं जाता है और अगर रहता भी है तो तो उसका अर्थ नही रह जाता।शक किस … Read more

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