परिधान – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

New Project 11

.. तुमने कुछ कहा ही नहीं इतनी सुंदर ड्रेस मैने पहनी है …तुम्हारा ध्यान कीधर रहता है सुमेर…. रिया कुछ नाराज हो गई थीऔर आखिरी के शब्दो को कहने की तीव्रता इतनी अधिक थी कि रेस्तरां में कई लोग पलट कर उसकी ओर देखने लगे थे। यह सुंदर ड्रेस उसने कल ही खरीदी थी कल्पना … Read more

अभागी या सुभागी..!! – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

New Project 11

सब लोग कहते थे निधि तू अभागन है अरे भगवान ने तुझे एक बेटा नहीं दिया तीन तीन लड़कियां है तेरी ऊपर से तेरा पति .. निठल्ला.. बेकार..!! क्या होगा तेरा मुन्नी.. मां भी सिर पर हाथ मार कर कह उठती थी हे ईश्वर मैं बड़ी अभागी हूं मेरी ही बिटिया के साथ सब कुछ … Read more

मान जाओ ना..!! – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

New Project 97

नहीं नही मेरा बच्चा शानू बच जायेगा इसे कुछ नही हो सकता….माता सुलभा का हृदय चीत्कार कर उठा था। शाम का समय था हॉस्पिटल से फोन आया । शानू के पापा विकास का फोन था.. सुभा…जल्दी यहां आ जाओ संक्षिप्त कथन था उनका परंतु गहरा लंबा उतर गया था दिल में ।घर से हॉस्पिटल का … Read more

परहेज – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

New Project 69

अनीशा का दिल आशंकाओं से घिर गया था लेकिन कोई अपराध बोध नहीं था उसे। बात बस इतनी हुई कि आज लड़के वाले उसे देखने आए थे।हालांकि इस तरह देखना दिखाना जैसी बातों से वह परहेज ही करती थी लेकिन पिता के बहुत समझाने पर अनिकेत से एक अनौपचारिक मुलाकात अपने ही घर पर माता … Read more

ब्रांडेड सोच – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

New Project 40

#गुरूर# ब्रांडेड सोच जब पंद्रह लाख की कार दरवाजे पर खड़ी हुई तो मिताली के चेहरे की पुलक आंखों की चमक और ठसक देखते बनती थी। एक गुरूर सा छा गया था उसके चेहरे पर ही नहीं शरीरके हर हाव भाव पर भी। कार के आते ही मानो सब कुछ बदल ही गया था।चलने का … Read more

मां तुम बेस्ट हो!! – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

New Project 39

क्या मां आज नारियल वाली चटनी एकदम खराब बनाई थी आपने …..अपनी सहेलियों के जाते ही मोना मां के ऊपर खीज पड़ी और ये इतनी मुसी मुसी सी साड़ी आपकी..!! जानती हो मेरी सहेली नीरा कह रही थी कि तुम्हारी मां से ज्यादा ढंग से तो  मेड रहती हैं…..! मां खामोश थी..उसकी आंखें पनियाली हो … Read more

बदलते परिदृश्य – लतिका श्रीवास्तव Moral Stories in Hindi

New Project 78

एकदम जल्दी जल्दी से अपना आधार कार्ड और  हवाई टिकट्स काउंटर पर दिखाने के लिए निकालती विधि का पर्स बनाम बैग हड़बड़ी में नीचे जमीन पर गिर गया।फुर्ती से उसे उठाने के लिए झुकी ही थी कि फर्श पर पानी बहता हुआ आया और पर्स उठाते  उठाते भी गीला हो गया…!एयरपोर्ट का हाल रेलवे स्टेशन … Read more

परीक्षा -लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

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बोर्ड परीक्षाएं पूरी लय में थीं ।बोर्ड परीक्षा का नाम ही काफी डर लिए हुए होता है तनाव लिए हुए होता है।विद्यार्थी के लिए भी और शिक्षक के लिए भी।दोनो की ही परीक्षा की घड़ी होती है।सुबह सुबह परीक्षा का समय और घरेलू कार्य का समय नेहा के दो नही चार हाथ लग जाते है … Read more

कमीशन-लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

hindi story kahani

बात तो तीन सौ रुपया एक दिन की हुई रही उस हिसाब से तो हमार एक हफ्ते की पगार इक्कीस सौ होती है पर आप तो हमें चौदह सौ दे रहे हैं ।और इस रामू को तो पूरे इक्कीस सौ ही मिले है कमर में डेढ़ साल की बिटिया को चिपकाए माथे से बहते पसीने … Read more

परवाह – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

New Project 77

पिता जी की तबियत ठीक है ना मां बड़ा बेटा दीप फोन पर पूछ रहा था और मां सोच में पड़ गई कि क्या जवाब दूं।सही सही बता दूं या….!! ऐसे क्यों पूछ रहा है बेटा उसीके प्रश्न को घुमा दिया था मां ने। नहीं वो क्या है ना पिताजी से कई दिनों से बात … Read more

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