मेरी खुशियों की चाबी,मेरी भाभी – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

New Project 69

रिया आज विदा होकर अपने ससुराल जा रही थी।वैसे तो वह मेरी बेटी थी,किन्तु लड़का ढूंढने से लेकर कन्यादान तक की सारी जिम्मेदारियां रूपा भाभी ने बड़ी आत्मीयता से निभाईं थीं।वह रिया को एक अच्छी पत्नी व बहू बनने के सीख दे रहीं थीं..समझा रहीं थीं,कि अपने व्यवहार से सबका दिल जीतना।मैं तो बस मूक … Read more

सपनों की उड़ान – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

New Project 66

मीना को बचपन से गाने का बहुत शौक था आवाज भी अच्छी थी कभी कभार शादी ब्याह में या छोटी मोटी पार्टी में गाना गा लेती थी।मीना की सुरीली आवाज़ और गाने के शौंक़ को देखकर,रिश्तेदार मीना के माता पिता को यही सलाह देते थे,कि वो बेटी को संगीत की शिक्षा दिलाए ओर इसी क्षेत्र … Read more

सैलाब तो आना ही था – कमलेश आहूजा  : Moral Stories in Hindi

New Project 2024 04 29T105042.754

“हेलो माँ मैं निधि बोल रही हूँ आप जल्दी से हमारे पास जाओ। इनकी तबियत ठीक नहीं है।” बहू का इतने दिनों बाद फोन आया वो भी बेटे के स्वास्थ्य को लेकर तो सुगंधा चिंतित हो गई। घबराकर बोली-“क्या हुआ प्रतीक को?” “कल ऑफिस में अचानक इनकी तबियत बहुत खराब हो गई थी। ऑफिस के … Read more

पैसे का गुरुर – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

New Project 56

“हेलो शुभी आज ऋचा दीदी का फ़ोन आया था वो लोग यहाँ आए हुए हैं। शाम को अपने घर आएंगे। नाश्ते की तैयारी करके रखना। इसलिए तुम्हें फोन किया।” रोहन अनमने मन से बोला  “ठीक है जी।” कहकर शुभी ने फोन रख दिया।  ऋचा दीदी के आने की खबर सुनकर शुभी को बड़ा आश्चर्य हुआ … Read more

‘ पश्चाताप ‘ – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

New Project 88

रोहित और रीना एयरपोर्ट से जैसे ही बाहर  निकले तो उन्हें कैब मिल गई।बिना देर किए दोनों कैब में बैठ गए।कैब बहुत तेजी से सड़क पर भाग रही थी और रोहित के कानों में रह-रहकर माँ के वो आखिरी शब्द गूँज रहे थे..बेटा तेरी बहुत याद आ रही है,हो सके तो एक बार आ जाना..!! … Read more

“बाबुल की यादें ” – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

New Project 99

रमा बड़े दिनों बाद बहू बेटे के साथ अपने घर आई थी,घर बहुत गंदा हो गया था।बहू ने किचन संभाल ली और रमा घर की साफ-सफाई करने में जुट गई।रमा ने अपनी अलमारी को साफ करने के लिए जैसे ही खोला तो उसमें से एक फाइल निकलकर नीचे गिर गई।उसने फाइल को उठाया और खोलकर … Read more

प्यार का बंधन – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

New Project 47

हमेशा की तरह सरोज के भाई का इस बार भी राखी का पांच सौ रुपए का मनीऑडर आ गया।ना ही उसने कोई फोन किया,कि दीदी तुम्हारी राखी मिल गई थी ना ही उसकी कोई चिट्ठी आई।सरोज की आँखें फिर से नम हो गईं। माता पिता के जाने के बाद सरोज के छोटे भाई साहिल ने … Read more

‘ जायदाद पर हक ‘ – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

New Project 72

“सीमा,ये बाऊजी के मकान के पेपर्स हैं रख लो।”स्नेहा ने सभी रिश्तेदारों के सामने अपनी नन्द को ससुर के मकान पेपर्स दिए तो वो तुरंत उठकर आई और भाभी के हाथ से पेपर्स ऐसे झपट लिए मानों कबसे इनका ही इंतजार कर रही थी।झूठे मुँह को भी नहीं बोला,कि मुझे मकान के पेपर्स नहीं आपका … Read more

“मुझे माफ कर दो पापा ” – कमलेश आहूजा  : Moral Stories in Hindi

New Project 56

नेहा अरमान के प्रेम में इतनी पागल हो गई थी कि उसको कुछ भी सुध नहीं थी।कब वो उसको अपने काम के लिए इस्तेमाल करने लगा उसको पता ही नहीं चला। बस वो उसके मोह जाल में फँसती चली गई और अरमान उसका फ़ायदा उठाने लगा। नेहा की माँ ने उसे बहुत समझाया लेकिन वो … Read more

रिश्ते तकरार से नहीं प्यार से चलते हैं – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

New Project 40

सुषमा अपनी सहेली मीरा के घर आई हुई थी।बड़े दिनों बाद दोनों मिली तो बातों का सिलसिला शुरू हो गया।तभी मीरा की बहु चाय नाश्ता लेकर आ गई पहले उसने सुषमा के पैर छुए फिर दोनों सहेलियों को चाय सर्व की।वो वहाँ ज्यादा देर रुकी नहीं चली गई शायद जल्दी में थी। सुषमा चुस्कियाँ लेकर … Read more

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