बदसूरत कौन? – डॉ  संगीता अग्रवाल: Moral stories in hindi

New Project 39

क्या?तुझे घर से निकाल दिया रचित ने?वो ऐसा कैसे कर सकता है?ललित गुस्से से चिल्लाते हुए बोले। सामने उनकी बेटी श्यामा मुंह लटकाए खड़ी थी,जब से उसकी शादी रचित से हुई थी,वो दुखी ही रहती थी,कभी दहेज को लेकर,कभी फूहड़ कहकर तो कभी कोई और कमी निकाल कर वो उसे तंग ही करता रहता था … Read more

ये कैसी सोच? – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

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बधाई हो मिसेज गुप्ता!शालिनी ने बराबर वाले फ्लैट वाली अपनी पड़ोसन रेखा गुप्ता को मुबारकबाद देते कहा। बहुत धन्यवाद जी!मिसेज गुप्ता मुस्कराते हुए बोली। आइए!एक प्याला चाय तो पीते जाइए।मुंह भी मीठा कीजिए,आप तो फंक्शन में आ ही नहीं पाई। जी…जरूर…आपने तो मेरे मुंह की बात छीन ली,मेरा भी दिल था कि आपसे बातचीत करूं, … Read more

वटवृक्ष – डॉ  संगीता अग्रवाल  : Moral stories in hindi

New Project 59

रामदीन जब से रिटायर हुए थे,बहुत खुश थे, कितनी ही योजनाएं बना रखीं थीं उन्होंने इस समय के लिए,जब काम से  फ्री हो जाऊंगा,सब दोस्तों के साथ एक बार वैष्णो देवी की यात्रा पर जरूर जाऊंगा। बेटा अजय चेताता उन्हें,”पिताजी!इस उम्र में चढ़ाई नहीं कर पाएंगे,छोड़िए!कहीं और घूम आइए आप।” पर वो हंसकर कहते,”तू फिक्र … Read more

तेरे मेरे बीच में – डॉ संगीता अग्रवाल: Moral stories in hindi

New Project 42

मयंक,बहुत उदास था आज,रह रह के उसे ये ख्याल परेशान कर रहा था कि वो घरवालों से और चांदनी से कब तक ये बात छुपा पायेगा कि कोरोना के चलते रिसेशन की मार का शिकार वो भी बन चुका था। अपने घर से वो ठीक टाइम  निकलता और देर शाम घर पहुंच जाता। चांदनी,जिससे उसकी … Read more

पगली – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

New Project 88

सब लोगों का झुरमुट लग गया था उस विशाल बरगद के पेड़ के चारों ओर,रेलवे स्टेशन की भीड़भाड़ आज ,अचानक उस चबूतरे के चारों ओर थी जहां वो “पगली “बैठा करती थी रोजाना, जाड़े, गर्मी,बरसात,कैसा भी मौसम हो वो वहीं रहती, दीन दुनिया से बेखबर,उलझे बाल,फटी हुई धोती पहने,धंसी हुए बेनूर आंखों से शून्य में … Read more

छलका सब्र का प्याला – डॉ संगीता अग्रवाल: Moral stories in hindi

New Project 69

मोहित की लव मैरिज हुई थी प्रिया के साथ,संग ही काम करते थे,फिदा हो गया था मोहित प्रिया की खूबसूरती पर।थोड़ी नखरीली जरूर थी लेकिन मोहित को लगता था कि वो दिल की अच्छी है,जल्दी ही उनके घर में एडजस्ट हो जायेगी। घर में ले दे कर एक मां ही तो थीं मोहित के,और मोहित … Read more

अब मान भी जाओ – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

prerak kahani

दीपक!आओ बेटा,बड़े अच्छे वक्त पर आए हो,चाय ही बना रही थी मैं,सुधा देवी ने प्यार से कहा। नहीं आंटी, मै पी के ही चला था,फिर कभी…वो संकोच करता बोला। मुझे मां समान मानता है न तू,फिर ये संकोच कैसा?सुधा देवी ने जबरदस्ती उसे चाय पकड़ा दी। लो इसकी पसंद के मिर्च के पकोड़े भी दो … Read more

सबक – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

New Project 42

हुर्रे!हम पिकनिक पर जा रहे हैं..खुशी से उछलते हुए शिवम ने कहा तो उसकी बहन रिदिमा चौंक गई। “क्या सच में?”पापा तो कह रहे थे कि ये उनकी ऑफिस ट्रिप है वो हमें साथ नहीं ले जा सकते? नहीं..दीदी!मैंने रिक्वेस्ट की तो पापा को मानना पड़ा।शिवम खुश होता बोला। चल पगले!ऐसे भी कहीं होता है, … Read more

टूटा भ्रम : Moral stories in hindi

New Project 34

रधिया की मां! कहे देता हूं इस बार राधा को स्कूल भेजा क्रिकेट खेलने तो उसे बाद में पीटूंगा, पहले तेरी शामत आ जायेगी। बुधिया ने चीखते हुए अपनी पत्नी सुख्खी से कहा। सुख्खि भी जैसे ढीठ बन गई थी अपने पति की गीदड़ भभकियां सुन सुन कर। कहां जाती है अब स्कूल वो?सारे दिन … Read more

सजा – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

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इतनी रात गए,मानसी के कमरे की लाइट जलती हुई देखकर सुलभा का माथा ठनका,ये लड़की अभी तक जाग रही है या बत्ती जलाकर ही सो गई दिखती है…हे भगवान!कब समझेगी ये लड़की,जब से इसके पिता नहीं रहे,ये मेरी सुनती ही नहीं,खर्चे बढ़ रहे हैं और साथ ही इसकी मनमानियां भी। बड़बड़ाती हुई वो कमरे में … Read more

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