मकड़जाल – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

New Project 60

“कब तक ऐसे दरवाजे पर ताकती रहेंगी मालकिन?खाना खाकर सो जाइए,आपकी तबियत खराब हो जायेगी,सुमित बाबा आ जायेंगे, रूमा भाभी जाग रही हैं ,वो देख लेंगी।” राधा ने कहा तो मालती चौंकी। “नहीं…आजतक मैंने उससे पहले खाया है जो आज खाऊंगी? तू खा ले और सो जा, रूमा खाना लगा लेगी उसके आने पर।” तभी … Read more

अलगाव -डॉ संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

New Project 65 1

रोते रोते नन्हीं खुशी सो गई थी,उसके गोरे गाल पर आंसू सूख गए थे और निशान बना रहे थे,बीच बीच में अभी भी सुबक उठती वो,उसे देखकर आस्था की सिसकी निकल गई,बुदबुदा उठी वो,कितनी मासूम है ये,बिना बात मैंने इसे चांटा मार दिया। आस्था अपने पति रोहन से अलग रह रही थी कुछ महीनों से … Read more

गुनाह- डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

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सारे मंसूरपुर गांव में मास्टर साहब दीनानाथ जी की उदारता, विद्वता के चर्चे थे।वो सिर्फ एक अच्छे टीचर ही नहीं ,बहुत अच्छे इंसान भी थे।जो भी गरीब, लाचार आता द्वारे पर उसे शिक्षा,भोजन,वस्त्र सब से नवाजते, मजाल है कोई खाली हाथ चला जाए।उनकी संतान रघु,सीता और विनायक तीनों ही बहुत संस्कारी थे,हालांकि अब उनकी पत्नी … Read more

बदलाव प्रकृति का नियम है-डॉक्टर संगीता अग्रवाल Moral stories in hindi

New Project 69

क्या कह रही हो बहू?दिक्मग तो दुरुस्त है तुम्हारा?लीलावती चिल्लाई थीं बहुत तेज़ी से जब उनकी बहू श्वेता ने धीमी आवाज़ में उनसे कहा था, राखी अपने मृत पिता को मुखाग्नि देने को कह रही है। दरअसल श्वेता के दो बेटियां ही हैं,उसे कोई पुत्र नहीं हुआ लेकिन उसके पति अशोक ने अपनी बेटियों को … Read more

तकरार – डॉ संगीता अग्रवाल  : Moral stories in hindi

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पापा!पापा!मेरा शू लेस बांध दीजिए प्लीज!नन्हें बिट्टू ने अमन से कहा तो वो मोबाइल में आंखें गड़ाए बैठा रहा…जाओ बेटू!मम्मी सर करा लो। मम्मी तैयार हो रही हैं जाने के लिए,उन्होंने आपके पास भेजा है,वो गुस्से से बोला। शालिनी!अमन चिल्लाया,देखो बिट्टू को,वो  क्या कह रहा है…? आप नहीं देख सकते? मै ब्रेकफास्ट भी बनाऊं,बच्चे को … Read more

अधजल गगरी- डॉ संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

New Project 86

बधाई हो!गौरव का रिश्ता हो गया,क्या वाराणसी की है लड़की?सुमिता चहकी,फिर तो जीजी,बनारस की गलियां खूब घूमोगी आप अब। रिचा हंस पड़ी थी छोटी बहन सुमिता की बात सुनकर,बहुत समय से इंतजार था इस शुभ घड़ी का उसे।उसका बेटा गौरव डी आर डी ओ में साइंटिस्ट था,ज्यादा पढ़ी लिखी और संस्कारी लड़की ढूंढने के चक्कर … Read more

जिंदगी फिर से गुनगुना दी – डॉ  संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

New Project 96

सीमा जी की आँखें गीली हो उठीं जब उन्होंने अपने बहु बेटों का इतना प्यार देखा।कितनी देर से दोनों को कह रही थीं कि जाओ ,अब तुम दोनों आराम करो अपने कमरे में जाकर पर नन्हे बच्चों की तरह उनके इर्द गिर्द बैठ दोनों ही उनकी सेवा में लगे थे। आज सुबह से हल्का सा … Read more

जिंदगी इतनी भी बुरी नहीं! – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

सोहम और प्रिया की लव मैरिज हुई थी,शुरू में सोहम के घरवाले इसके खिलाफ थे पर जब सोहम ने उनसे सीधे सीधे जंग छेड़ दी तो मजबूरी में उन्हें प्रिया को अपनाना पड़ा। दरअसल प्रिया कॉल सेंटर में जॉब करने वाली एक मॉडर्न,खूबसूरत लड़की थी,वो अलग बात है कि वो संस्कारी भी थी पर जॉब … Read more

कायापलट – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

निहारिका कितनी खुश थी जब उसके पिता ने उसे राजवीर की फोटो दिखाई थी,एक फौजी से शादी करने का सपना बचपन से उसकी आंखों में पलता था और राजवीर जैसा बांका नौजवान,सजीला व्यक्तित्व और हिम्मती आर्मी ऑफिसर उसे दूसरा न मिलता,ये बात उसे उसकी फोटो देखकर समझ आ गई थी। एक बिजनेसमैन परिवार की बेटी … Read more

जब आंख खुली तो… – डॉ  संगीता अग्रवाल  : Moral stories in hindi

New Project 58

खा ले बेटा खाना!राधा ने गुहार लगाई थी मोनू से जिसका आखिरी पेपर था आज और  वो गुस्से में फूल कर कुप्पा हुआ बैठा था कि कितने दिनों से कह रहा हूं कि दोस्तों के साथ घूमने पिकनिक पर जाना है तो रुपए चाहिए पर आप के कान पर जूं ही नहीं रेंगती। बेटा!तू समझता … Read more

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