पछतावे के आंसू – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

New Project 39

अभी नींद लगी भी नहीं होंगी की मोबाइल की रिंग टोन ने जगा दिया। रंजना ने उठ कर पहले लाइट जलाई देखा रात के 12:00 बजे थे। इस समय किसका कॉल है ? पर पैशा ही ऐसा है। कॉल रिसीव किया। हेल्लो मैडम एक महिला का एक्सिडेंट हो गया है। बहुत खून बह रहा है? … Read more

काश ऐसे समझने वाली सास हर घर में हो? – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

New Project 68

जब नेहा शादी होकर आई रसोई के कार्यों से अनभिज्ञ थी। नेहा की मम्मी ने पहले ही कह रखा था। मेरी नेहा रसोई के काम में परफेक्ट नहीं है ये बात सासू मां अच्छी तरह से जानती थीं। इसीलिए पैर छुआई के समय एक डायरी देते हुए कहा ” बेटा मैं रहूं या ना रहूं … Read more

भाभी – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

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अरे मिन्नी इतनी सारी वेराइटी ?? तुमने बनाई है में मेरे लिए व्हाट ए सरप्राइज़? मिन्नि अपने बालो की एक लट को कान के पीछे करती हुई बोली ” नही सिधि ये तो परिवार के सब सदस्यों ने मिलकर बनाई है ।” सिद्धि तपाक से बोली ” तुम्हारा दिमाग तो सही है कितना समझाया था … Read more

अपमान – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

New Project 72

राधेश्याम जी हाथ को पीछे किए लोन में चक्कर काटे जा रहे थे और मन ही मन बड़बड़ाने का सिलसिला जारी था। तभी उनकी पत्नी  मृदुला जी पानी का गिलास लेकर पहुंचीं ” ये लीजिए कम से कम कुल्ला तो कर लीजिए।” हो सकता है ट्रेन लेट हो। राधेश्याम जी ने घड़ी देखी फिर बोले … Read more

भाभी आप इतना सब कुछ कैसे सह लेती हो? – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

New Project 97

जब से भाभी आई हे मम्मी का मुंह कुछ सूजा सूजा सा रहने लगा। जब भी अकेले में मिलेंगी यही कहेगी ” हीरे सा बेटा दिया हे,इतनी बड़ी पोस्ट पर हे और तुम्हारे ससुराल वालो ने क्या दिया तुम्हे?” अरे कम से कम सामने वाले को तो देख लेना चाहिए।” दीदी परेशान सा हो गया … Read more

मन का रिश्ता – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

New Project 42

आज मौसम बहुत सुहाना हो रहा था। मानसून की दस्तक प्रारम्भ हो गई थी। रात तो मेंढक की ट्रर र र र र की आवाजे आने लगी। सुबह होते ही हर्षित बोले सुहानी आज सन्डे है। चलो घूमने चलते है। सुहानी बोली ” हां हां आज तो मजा आ जाएगा । ऐसा करते है यहां … Read more

एक फैसला – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

New Project 35

“पापा आप नहा कर आ जाइए गर्म गर्म फुल्के सैक देती हु” अवनी ने अखबार पढ़ते 78 वर्षीय सोमेश बाबू को कहा सोमेश बाबू पहले तो मुस्कुराए फिर बोले ” देखो घड़ी  दीया और चुन्नू का स्कूल टाइम होने वाला है तुम उन्हें संभालो मैं कोई बच्चा थोड़ी ना हु दो फुल्के सैक ओर तुरंत … Read more

मेरे सास ससुर माँ बाप से नहीं – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

New Project 34

गार्गी एक बात ध्यान से सुन लो जब बैंगलोर शिफ्ट हो ही रही हो तो अपने यहां का दिया समान सारा ले जाना क्या पता तुम्हारे सास,श्वसुर कद्र करें या नहीं? और वैसे भी अब आना ही क्यों है? पड़े रहेंगे ये बूढ़े,बूढ़ी यहां पर! ये भी अच्छा हुआ कंवर साहब का ट्रांसफर दूर हो … Read more

इतना गुमान ठीक नहीं परिस्थितियों मौसम की तरह कब रंग बदल ले। – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

New Project 39

आकाश, आकाश जोर जोर से आवाज लगाने पर भी वो बस अंगड़ाई ले रहा था। उठ जाओ धूप पर्दे को चीरती हुई आंगन तक आ गई है। फिर वो बड़बड़ाने लगी ” पहले तो रात रात मोबाइल देखते रहेंगे फिर सुबह इन्हें उठाते रहो। सारे रात्रि चर प्राणी होते जा रहे है। किसी से बात … Read more

आखिर घुटन भरे रिश्ते से आजादी मिल ही गई – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

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अपराध बोध ग्रसित मन विचलित हो गया था। संदेह की काली छाया ने सब कुछ अपने आंचल में समेट लिया था। सिसक सिसक कर रोने के सिवाय अब कुछ नही बचा था। राव्या तकिए को आसुओं में भिगोती हुई पछता रही थी। कितनी खूबसूरत जोड़ी थी । आन्या और प्रवेश की। दोनो में एक दूजे … Read more

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