*जीवन मंत्र* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

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       मम्मी,ये भाभी दूसरे तीसरे दिन कहाँ जाती हैं, क्या आपको पता है?      बिटिया,अब जमाना ही ऐसा आ गया है, बहू आते ही खुद मुख्तार हो जाती है।कहाँ जाना है,क्या करना है,ये बता दे तो भी बहुत बड़ी बात है, अन्यथा अब कौन बताता है?ये कामिनी अपने घर जाती है,बता रही थी कि उसके पिता बीमार … Read more

मुखाग्नि – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 2024 04 29T215107.227

                 .  सोसायटी के एक टावर के नीचे खड़े व्यक्तियों की भाव भंगिमा से ही प्रतीत हो रहा था कि कोई दुःखद घटना है।ज्ञात हुआ कि एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला का निधन हो गया है।उन्ही की अंतिम यात्रा की तैयारी चल रही थी।आकाश नाम का युवक,सब उसे इसी नाम से पुकार रहे थे,सारी तैयारी करा … Read more

*पंखहीन परी* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 41

    देखो बेटी,तुम इस घर की बडी बहू हो,इसलिये तुम्हे अपने मायके के बचपने को छोड़ना होगा।तुम्हारी ननद, तुम्हारे होने वाली देवरानी सब तुम्हे ही देख कर आचार विचार रखेंगे।     जी-माँ जी।       रीता की रितेश से शादी अभी दो माह ही पूर्व हुई थी।रितेश अपने घर मे अपने भाई व बहन से बड़ा था,इस कारण रीता … Read more

*अन्याय के विरुद्ध जंग* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

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         यूँ तो संदीप काफी पहले से ही परेशान था,पर कुछ न कर पा सकने की मानसिकता और साहस की कमी उस में हीन भावना भरती जा रही थी।संदीप एक मेधावी छात्र था,हमेशा टॉप करता,खूब मेहनत करके वह अपनी स्थिति को कायम रखना चाहता था।पर वह देख और समझ रहा था कि देवकीनंदन सर   उनसे … Read more

माँ की वेदना – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 2024 04 29T104818.633

  बस अपना मुकुल की नौकरी अमेरिका में लग जाये, तो अपने जीवन की मुराद पूरी हो जाये।         कह तो सही रहे हो मुकुल के पापा,तमने पैसे का इंतजाम कर ही लिया है, भगवान जरूर हमारी कामना पूर्ण करेंगे।बस कभी कभी मन मे ऐसे ही ख्याल आ जाता है मुकुल के पापा-वहाँ जाकर मुकुल हमे भूल … Read more

*ठकुराई* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 41

      ठाकुर बलबीर सिंह जी के साथ समस्या ये थी कि उनकी जमीदारी तो चली गयी थी,पर ठकुराई को उन्होंने अपने जेहन से जाने नही दिया था।जमीदारी वाला रुतबा वे रखना चाहते थे।समय परिवर्तन की आहट को सुनने की चेष्टा तक नही कर पा रहे थे।वे यह भी समझने को तैयार नही थे कि आधुनिक बयार … Read more

*मोह- दुआ-तप* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 47

      कुछ भी करने में असमर्थ,अपने सामने होने वाली संभावित अनहोनी के असहनीय दुःख के अहसास करने को विवश,धर्मेंद्र जी-बस आंखों में पानी लिये घर मे ही निर्मित मंदिर में आंखे बंद किये बैठे रहते।उनकी पत्नी सुधा उन्हें ढाढस बधाने आती और खुद भी वही मंदिर में बैठ सिसकी भरने लगती।     अधिक समय थोड़े ही बीता … Read more

कर्मयोगी – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 65 1

      विजय देखो अब ये अपने गंगू का बेटा मुन्ना यही हमारे पास रहा करेगा।      पर क्यों पापा? इसका अब कोई नही रहा है।गंगू अपनी पत्नी को सरकारी हॉस्पिटल ले जा रहा था,एक ट्रक की टक्कर से दोनो की मौके पर ही मौत हो गयी, मुन्ना स्कूल गया हुआ था,अब यह तो अनाथ हो गया ना।अब … Read more

*प्रायश्चित* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 89

       देखो,अजीत मुझे अब अपने बेटे की पढ़ाई के लिये अपनी जमीन का कुछ हिस्सा बेचना पड़ेगा,सो अब मेरी जमीन को बैंक से मुक्त करा दो।        वो तो ठीक है,पर सुशील मेरे पास अभी रुपयों की व्यवस्था नही है, इसलिये बैंक से अभी जमीन मुक्त नही हो पायेगी।        पर अब तो तुम्हारा काम काज बढ़िया चल … Read more

*सुकून की परीक्षा* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 47

      मु —  न्ना,जल्दी आ रे देख तो तेरे बाबूजी को क्या हो गया है?जल्दी आ रे।          मम्मी क्या हुआ बाबूजी को?अरे ये तो बेहोश लग रहे हैं।मैं इन्हें अभी हॉस्पिटल लेकर चलता हूँ।मम्मी तुम चिंता न करो,मेरे बाबूजी को कुछ नही होगा।         राम शरण जी ने अपने बेटे शोभित को बड़े अरमानों से पाला था,वे … Read more

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