अपनापन – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 87

Moral Stories in Hindi : बेटा, बबलू सुना है अपनी रश्मि को देखने वाले आये थे,बंसी ने तो कुछ बताया नहीं, पता नही क्या हुआ?तुम पता तो करो। ठीक है,पापा मैं सूरज भैय्या से बात करूंगा,तभी पता चल पायेगा।        शांति शरण और बंसीधर दोनो सगे भाई थे।पिता बनारसीदास के गुजर जाने के बाद दोनो भाई … Read more

पारिवारिक संस्कार –  बालेश्वर गुप्ता  : Moral Stories in Hindi

New Project 60

Moral Stories in Hindi : आशा मेरा शरीर टूट रहा है,मेरा सर फटने को है,मैं मरने को हूँ, प्लीज मुझे पुड़िया दे दो।मैं मर जाऊंगा, आशा, प्लीज।         नहीं, मुकेश धैर्य रखो,तुम्हे कुछ नही होगा।मैं हूँ ना।आत्म शक्ति को समाप्त मत करो मुकेश।          आशा और मुकेश की शादी को एक वर्ष ही बीता था।मुकेश के परिवार … Read more

हिम्मत – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 58

Moral Stories in Hindi : उस समय के उत्तर प्रदेश के काशी नगर जो अब उत्तराखंड में है, से दो मित्रो अनिल और अनूप ने मेरठ कॉलेज में उच्च शिक्षा हेतु प्रवेश लिया।घटना सन 1969 की है।रहने के लिये कमरा लेने के लिये अप्लाई किया तो उन्हें कॉलेज कैम्पस में ही स्थित मुस्लिम होस्टल में … Read more

कायरता –  बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 60

Moral Stories in Hindi : कोंडेलिम बीच गोवा पर बैठा सागर सामने समुन्द्र से तेजी से आती लहर को देख रहा था।एक झंझवात उसके मन मस्तिष्क  चल रहा था।लहर समुन्द्र से आ रही थी और समुन्द्र उसे फिर अपने मे बार बार समेट रहा था।पर ये सागर तो अपनी उर्मी को यूं ही छोड़ आया … Read more

उदारता – बालेश्वर गुप्ता : hindi stories with moral

New Project 39

hindi stories with moral : मनीष दो वर्ष तुम्हारी पत्नी रही हूँ, पत्नी होने का स्थान तो तुम छीन ही रहे हो,अब कम से कम मेरे आत्म सम्मान, मेरी खुद्दारी पर तो चोट मत करो।प्लीज।        अरे माधुरी मेरा ऐसा कोई इरादा नही था।देखो हम सहमति से अलग हो रहे हैं तो मेरा भी तो कुछ … Read more

पहला हक – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 40

  काका की मृत्यु के बाद राजेन्द्र अकेला ही दुनिया मे रह गया।बचपन मे ही माता पिता के निधन के बाद काका ने ही उन्हें पाला पोसा था,अब वो भी नही रहे थे।राजेन्द्र की हार्दिक इच्छा थी कि वह काका की खूब सेवा करे,आखिर वह नौकरी कर कमाने लगा था।काका ने राजेन्द्र को कोई मौका दिया … Read more

तीसरा मोड़ – बालेश्वर गुप्ता  : Moral Stories in Hindi

New Project 40

     बंद कमरे में दिनेश जी दहाड़ मार कर रो पड़े।भगवान से शिकायत करते करते बुदबुदा रहे थे,आखिर हमने क्या पाप किये हैं, जिनकी सजा मेरे बेटो को मिल रही है।रोते रोते पता नही कब दिनेश जी की आंख लग गयी।         अच्छे भले कारोबार के स्वामी दिनेश जी के पास सब कुछ था, धन,घर,कार, सम्मान,लोकप्रियता।पर कारोबार … Read more

पहचान -बालेश्वर गुप्ता : Moral stories in hindi

New Project 59

Moral stories in hindi : शादी के पांच वर्ष ही तो हुए थे,नन्हे से अंकुर की शरारते और कुछ कुछ तोतले पन के बोल से दोनो सरला और दिनेश प्रफुल्लित होते रहते।लगता अब और क्या चाहिये जीवन में।दिनेश की प्राइवेट कंपनी में अच्छी भली जॉब थी,इन पांच वर्षों में उन्होंने एक छोटा सा आशियाना भी … Read more

जमाने की रफ्तार – बालेश्वर गुप्ता : hindi stories with moral

New Project 48

hindi stories with moral : अरे तुझे क्या पड़ी थी,क्यूँ इस लफड़े में पड़ा, राजेश तूने बहुत बड़ी गलती कर दी है।       मैंने ऐसा क्या कर दिया माँ?     होरी आया था,उसका बेटा अनिल  किसी दूसरी जात की लड़की के साथ गायब है।उसका कहना था कि उन्हें राजेश ने ही समर्थन भी दिया और पूरी शह … Read more

भाभी आपसे ही संस्कार सीखें हैं – बालेश्वर गुप्ता

New Project 56

 ए जी सुनो, अपनी संगीता विवाह योग्य हो गयी है. उसके लिये योग्य वर की तलाश करनी चाहिए. अपने अंतिम समय पर अम्मा हमारे हाथ में ही तो संगीता का हाथ दे गयी थी. सुन रहे हो ना?      हाँ – हाँ भागवान सब सुन भी रहा हूँ और सोच भी रहा हूँ. संगीता तब 10 … Read more

error: Content is Copyright protected !!