दूरियां दिलों की मिटाना है – अमिता कुचया : Moral stories in hindi

रेनू मां मां ••••चिल्लाते हुए अंदर‌ आई बोली मां मैं आ गई ••• अरे मेरी प्यारी मीसा बेटू कहां है •••रेनू के कहते ही तब उसकी मां बोली- “अरे बेटा चैन की सांस लेकर थोड़ी बैठ तो जा …और चाय ,पानी पी ले। फिर बुला लेना।” हां- हां मां मैं पानी पी लूंगी।और चाय भी … Read more

जब तेरी भाभी जिम्मेदार है तो तू क्यों नहीं!!! – अमिता कुचया  : Moral stories in hindi

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आज निया अपनी मां को फोन‌ तीन- चार बार लगा चुकी थी, उसे बहुत झुंझलाहट हो रही थी कि मां फोन‌ क्यों नहीं उठा रही हैं ,उसने भाभी को फोन मिलाया और भाभी ने भी फोन नहीं उठाया क्योंकि वह किचन में काम कर रही थी।अब उसकी  भाभी खाना पीना का काम करके कमरे में … Read more

सर्विस वाली बहू सुहागन जैसी दिखती ही नहीं!- अमिता कुचया : Moral stories in hindi

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रीना सर्विस करने वाली बहू है।वह एक कंपनी में बहुत बड़ी पोस्ट पर है।और उसे तो सजने संवरने का भी शौक नहीं है ,वह शादी से पहले भी सादगी से रहती थी। उसे ससुराल में ज्यादा रहने का मौका नहीं मिला ,क्योंकि घर से दूर दूसरे शहर में उसकी और उसके पति की नौकरी होने … Read more

संयुक्त परिवार की अहमियत – अमिता कुचया : Moral stories in hindi

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मधु बहुत ही शांत स्वभाव वाली बहू है ,उसकी नयी नयी शादी हुई थी उसके मायके का माहौल बिल्कुल विपरीत था,जिस कारण से उसे शोरगुल होता रहे तो बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता।उसे मानसिक अशांति सी महसूस होने लगती, लेकिन जब से ससुराल आई तो उसे यहां पर वैसा माहौल नहीं मिला। जैसा वो चाहती … Read more

आखिर डर से जीत हुई ….. – अमिता कुचया : Moral stories in hindi

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संजना के आज घर लौटने पर सास को बहुत चिंता होती है ,रात के साढ़े नौ बज चुके थे। और लता जी की नजरें बार -बार घड़ी की ओर जा रही थीं। फिर जब वो अपने बेटे जीतू से पूछती हैं -“क्यों बेटा आज संजना क्यों लेट हो गई?जरा फोन तो लगा , संजना क्यों … Read more

अपनत्व भरा रिश्ता खोखला ही निकला – अमिता कुचया : Moral stories in hindi

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आज आसपड़ोस का हमारे जीवन पर बहुत ही प्रभाव पड़ता है, हम अनायास ही किसी की तरफ खिंचे चले जाते है। ऐसी ही मेरी सहेली शिवानी थी। शिवानी को लगता था कि उसके अंकल आंटी बहुत अच्छे हैं। उनके व्यवहार से लगता ही नहीं था, कोई वे गैर है या अपने नहीं है, धीरे- धीरे … Read more

सास का रवैया – अमिता कुचया : Moral stories in hindi

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आज नीलम घर लौट रही थी।उसे लग रहा था। समय चक्र भी इतिहास दोहराता है उसे सब एक- एक करके बातें याद आ रही थी जो उसने कल और आज देखा न जाने आने वाला कल क्या दिखाए•••• नीलम वो यादों में खो गई।जब उसकी शादी हुई तो उसे सिर ढकने कहा जाता था। एक … Read more

समधन जी आपकी सोच कितनी शर्मसार करने वाली है… – अमिता कुचया  : Moral stories in hindi

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सुशीला अपनी पोती के होने से हमेशा दुखी रहती है ।वह बहू को हमेशा ताने देती रहती है, उसकी उंगली करने की आदत रहती है।वह  उसे ही दोष देकर कहती हैं -अगर बहू पोता होता तो मैं मिठाई बंटवा देती।काश पोता होता।अब क्या कहूं किसी से••••उसे अंदर ही अंदर बहुत बुरा लगता है। फिर एक … Read more

एकल परिवार का दायित्व – अमिता कुचया   : Moral stories in hindi

आज भी अंशू के सामने निया और निमित्त जिद करते तो उसे गुस्सा आता, कितना भी मन का बनाओ तब पर भी बच्चों का मन नहीं भरता !रोज नये डिश की फरमाइश होती।सुबह नाश्ता फिर दोपहर का लंच , फिर शाम को स्नैक्स की डिमांड और उसके  बाद ये भी पूछा जाता कि रात के … Read more

संस्कार नहीं दिए क्या •••• (भाग 2)- अमिता कुचया 

अब रौनक को भी गुस्सा आ गया। वह कहने लगा ” क्यों इतनी देर से बकवास किए जा रही हो। तुम्हें फ्लैट भी चाहिए और  देखने  भी चलना नहीं है ,तो बाद में तुम मुझे दोष मत देना। ऐसा नहीं है या वैसा नहीं है।” फिर सासुमा ने कहा -“बेटा थोड़ी देर से हम सब … Read more

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