नाम लेने से इज्ज़त नहीं घटती…!  – मीनू झा

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क्या बताऊं विमला..तू तो मेरा स्वभाव जानती है ना मैं शुरू से बहुत मीन मेख निकालने वाली नहीं रही हूं…जो खाना है खाओ जो पहनना हो पहनो जैसे रहना हो रहो जहां जाना आना है जाओ आओ…तुम तो देखती हो ना…बड़ी बहू के समय से ही हां सविता भाभी…बड़ी किस्मत वाली है तुम्हारी बहुएं सच … Read more

टमाटर के 10 फायदे – Tomato Benefits and Side Effects in Hindi

मुझे कुछ आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों की जानकारी अपने बाबू जी से विरासत में मिली है। वे आयुर्वेद विशारद की उपाधि से विभूषित थे।।  उनके ही मदद से मैंने कुछ रोगों में अनुभव सिद्ध प्रयोग किए और आशातीत सफलता मिली,, वैसे तो हम सब इसके फायदे के बारे में बखूबी जानते हैं,,पर फिर भी चलिए एक … Read more

शहर की लड़की – संगीता अग्रवाल

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“क्या बात है रोशन की मां क्या सोच रही है यूं अकेले बैठे?” हरिहरन ने अपनी पत्नी रमिया से पूछा। ” रोशन के बापू आप तो हमारा बेटा पढ़ लिखकर अफसर बन गया है अब जल्द ही उसका ब्याह करना पड़ेगा !” रमिया बोली। ” हां ये तो तू ठीक कहे है पर छोरा अब … Read more

दहेज़ मांगना गलत है तो दहेज़ के झूठे मुक़दमे करना क्या है ? – संगीता अग्रवाल

पुलिस को सुबह सुबह घर आया देख सुरजीत जी चौक गए.. ” जी इस्पेक्टर …? ” उन्होंने दरवाजे पर आ पूछा! ” मेहुल यहीं रहता है ” एक पुलिस वाले ने रौबदार आवाज़ मे पूछा. ” जी बिल्कुल.. बताइये क्या बात है.. मैं उसका पापा सुरजीत हूँ ” सुरजीत जी ने शालीनता से जवाब दिया … Read more

 हक़ – विनय कुमार मिश्रा

मैंने ताई के घर की तरफ देखा। ताई नहीं थी।मैंने चैन की सांस ली। जब कभी मुझे बाहर निकलते देखती हैं।उन्हें कुछ ना कुछ बाजार से मंगाना ही होता है।कभी सब्जी, कभी दवा तो कभी दूध।तंग आ गया हूँ उनसे।जी तो चाहता है कभी सुना दूं कि खुद के बेटे को बाहर भेज दिया और … Read more

प्यार को जताना भी आना चाहिए – के कामेश्वरी

सुजाता आजकल उदास रहती है क्यों यह घर में कोई भी नहीं जान सका था । हमेशा कुछ न कुछ सोचती ही रहती है । पहले तो एक पल भी चुप नहीं रहती थी ।परिवार के लोग उनके सोने का इंतज़ार करते थे ,क्योंकि वह तब ही चुप रहतीं थी । अब उनके बोल सुनने … Read more

नेक शुरुआत… –   प्रीता जैन

डॉक्टर मेघा का ध्यान रह रहकर मेज पर रखी उस सोने की चेन पर जा रहा था जो थोड़ी देर पहले मिसेज जिन्दल पोता होने की खुशी में देकर गई थीं| सब कुछ इतना जल्दबाज़ी व अप्रत्याशित ढंग से हुआ कि मेघा समझ ही ना पाई क्या देकर जा रही हैं और ऐसा क्यों कर … Read more

 जीवन में पति के साथ ही खुशी न ढूंढ पाई !!! – अमिता कुचया

आज मौसम भी खुशगवार हो गया काफी उमस के बाद मौसम में ठंडक आ चुकी थी।  उसने बालकनी से  देखा बाहर काफी लोग टहल रहे हैं ,उसका मन भी हुआ। वो भी टहले।पर पहले उसे लगा कि  घर के काम पहले जरुरी है।वो कर लें। फिर उसने  देखा उसके पति ने सुबह से चाय पी … Read more

पानी – स्नेहज्योति

पानीबूँद-बूँद से बनता हूँरिश्तों सा निखरता हूँखुले आसमाँ से जबख्वाहिश बन बरसता हूँतो बंजर पड़े अरमानो कोपलभर में गुलजार कर देता हूँसबके चेहरे पर एक उत्साहभीनी सी मुस्कुराहट छोड़ देता हूँमैं पानी हूँ सबसे जुड़ी कहानी हूँजो कल था आज हूँपर कल किसके पास हूँना तेरा हूँ ना उसका हूँसबका कतरा-कतरा हूँआम सही पर ख़ास … Read more

मेरी बेटियां मेरा अभिमान –

“क्यूं रे सुरेसवा !इन छोरियों को पढ़ा लिखाकर कलेक्टर वनावेगा क्या?टैम रहते ब्याह दे ना तो कोई दिन नाक कटवा कै हाथ मैं धर दैंगी!फिर ना कहियो अम्मा ने समझाया ना था”सुरेश की अम्मा को पोतियों का स्कूल जाना एक आँख नहीं भाता था।सुरेश हंसकर अम्मा की बात को टालता सा बोला“मेरे घर की शान … Read more

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