स्वाभिमान – के कामेश्वरी

New Project 36

पल्लवी अपने कमरे में कल की एम सेट की परीक्षा की तैयारी में लगी हुई थी । वह अपने माता-पिता की बहुत ही होनहार बेटी थी । दसवीं कक्षा में टॉपर रही थी । उसे किसी भी हालत में इंजीनियरिंग कॉलेज में दाख़िला लेना था इसलिए वह रात को भी जगकर जी जान से पढ़ाई … Read more

एक पिता का स्वाभिमान – पूजा मनोज अग्रवाल

New Project 2024 04 29T215107.227

राम किशन जी बरेली के एक गांव में अपनी पत्नी और बेटे के साथ रहते थे । गांव में उनका धूप अगरबत्ती बनाने का छोटा सा व्यवसाय था । परिवार इतना नेकदिल था कि चर्चा पूरे आस पास के गांवों में थी । रामकिशन जी और उनकी पत्नी सावित्री जी दोनो ही धार्मिक स्वभाव के … Read more

सपनें खुली आँखों के – डॉ. पारुल अग्रवाल

New Project 2024 04 29T211239.414

आदित्य आज बहुत खुश था,आज उसे अपनी वर्षों की कठिन मेहनत और तपस्या का फल मिलने वाला था। इसी दिन की खातिर वो अपने परिवार से इतनी दूर अकेले रह रहा था। आज उसके खुली आंखों से देखे सपने पूरे होने वाले थे। उसने खुशी-खुशी ऑटो लिया और पहुंच गया फिल्म स्टूडियो में जहां प्रसिद्ध … Read more

बहू ने कोई दर्द नहीं झेला है! – प्रियंका सक्सेना

prerak kahani

बहू ने कोई दर्द नहीं झेला है! – प्रियंका सक्सेना “मम्मी जी, पापा जी को तकलीफ़ हो रही होगी, अब मैं थोड़ा बहुत सम्भाल लूंगी आप पापा जी के पास हो आइए।” आस्था ने अपनी सास कल्याणी देवी से कहा “आस्था बहू! अभी तो  दो महीने ही हुए हैं। तुम सच में सबकुछ सम्भाल पाओगी। … Read more

बुढ़ापे के दर्द की दवा – पूजा मनोज अग्रवाल

short story in hindi

अरे मम्मा क्यूं बर्तन धो रही हो,,,कितनी सर्दी पड़ रही है ,,,फिर से बीमार हो जाओगी तुम,,, । नही बेटा,,,,तुम्हें तो पता है ना में तो पुराने जमाने की हूं और मेरे हिसाब से रसोई में रात को झूठे बर्तन छोड़ना अच्छी बात नहीं है,,, कहकर मालती जी हंसने लगी । ” आपको कितना भी … Read more

कुछ बुजुर्ग भी गलत होते है – संगीता अग्रवाल

New Project 66

” रीमा ओ रीमा बहु मेरी चाय नही आई अब तक !” किशोरीलाल जी अपने कमरे से चिल्लाए। ” अभी लाई बाबूजी दो मिनट बस !” रीमा ने रसोई से ही आवाज दी। ” तुम करती क्या हो पता नही जो एक चाय भी समय से नही दे सकती हो …तुम्हारी सास थी तो मुझे … Read more

क्या औरत आज भी आज़ाद है – संगीता अग्रवाल

New Project 42

” नमस्ते भाभी कैसी है आप ?” बाजार में अचानक एक परिचित आवाज सुन मैं रुक गई मुड़ कर देखा तो अपने पुराने मोहल्ले में रहने वाली रति थी। ” अरे रति तू कैसी है तू और ये क्या तूने शादी कर ली !” मैंने आश्चर्य से उसकी मांग में भरे सिंदूर को देख कर … Read more

अब और नहीं – निभा राजीव “निर्वी”

New Project 47

नवविवाहिता कनक अपने पति सुबीर के साथ ससुराल की देहरी पर गृह प्रवेश के लिए खड़ी थी। चावल से भरे हुए कलश को पाँव से गिरा उसने अंदर प्रवेश किया। उसकी सासु मां रमा देवी पूरे विधि विधान के साथ उसे अंदर ले गईं। विधि-विधानों के दौरान उनके द्वारा दिए जा रहे निर्देशों के ढंग … Read more

धरा जैसी बेटी – प्रियंका त्रिपाठी ‘पांडेय’

New Project 84

धरा और मेघा दोनो का ग्रेजुएशन का प्रथम वर्ष था , दोनो ही होनहार छात्रा थी परन्तु दोनो के आचार विचार मे जमीन आसमान का अन्तर था। धरा सभ्य सुशील सुलझी आधुनिक सोच की मर्यादा और संस्कारों मे बॅ॑धकर रहने वाली लड़की थी । धरा के पहनावे मे भी स्मार्टनेस के साथ साथ शालीनता थी,वह … Read more

नई संस्कृति- डेटिंग – कमलेश राणा

New Project 86

क्या बात है विनीत ,,ओये होये कहाँ जा रहा है ऐसे सज संवर के,, परफ्यूम भी बड़ा ही महक रहा है। अरे कहीं नहीं आंटी एक दोस्त से मिलने जा रहा हूँ , मुस्कुराते हुए विनीत बोला। हमें तो भई यह स्पेशल सजधज देखकर कुछ अलग सी फीलिंग आ रही है। आंटी आप तो अब … Read more

error: Content is Copyright protected !!