यह अन्याय है – सुभद्रा प्रसाद

Post View 28,335  ” नीला, मैं जरा सेठ  जी से मिलकर आ रहा हूँ |तबतक तुम कमरे की सफाई ठीक से कर लो और देख लो खाना बनाने के लिए क्या-क्या सामान चाहिए |”अपनी पत्नी से कहते हुए रामू कमरे से बाहर निकल कर हवेली की ओर चल पड़ा | रामू चल तो पडा़, पर … Continue reading यह अन्याय है – सुभद्रा प्रसाद