वो पराया पर अपना –  बालेश्वर गुप्ता

Post View 174   अभी पिछले दिनो मैंने जगदीश भाई से वृद्धाश्रम में वीडियो कॉल पर बात की।उनके माथे पर पट्टी बंधी थी।मैंने चौंककर जगदीश भाई से उनको लगी चोट के बारे में पूछा।मैंने उनसे उनके पास आने की इच्छा भी जाहिर की।पर जगदीश भाई ने नम्रता से मना कर दिया और मुझे आश्वस्त किया कि … Continue reading वो पराया पर अपना –  बालेश्वर गुप्ता