वो अब भी है दिल में! ! – गीता चौबे “गूँज” : Moral stories in hindi

Post View 3,900 Moral stories in hindi : ‘ शीतल मंद सुरभि बह बाउ…’ तुलसीदास जी की इस पंक्ति को सुरभि के लब गुनगुना रहे थे जिसे वह साक्षात आत्मसात कर रही थी। बड़ा ही सुहावना मौसम था। सुंदर सुवासित समीर मंद गति से बह रहा था मानो हौले – हौले किसी महबूब की भांति … Continue reading वो अब भी है दिल में! ! – गीता चौबे “गूँज” : Moral stories in hindi