वक़्त के मोहरे – अभिलाषा कक्कड़
Post View 3,310 अरे भई अपर्णा कहाँ हो !! बाहर से आते ही अमन पत्नी को बार बार आवाज़ देने लगा । छत पर कपड़े सुखाती अपर्णा पति कीं आवाज़ सुनकर जल्दी से नीचे दौड़कर आई । आप आ गये.. चाय बना कर लाऊँ ?? तौलिए से हाथ पोछते हुए बोली । चाय नहीं पीनी … Continue reading वक़्त के मोहरे – अभिलाषा कक्कड़
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