वितृष्णा – ऋतु यादव : Moral Stories in Hindi
Post View 2,391 आंगन में कदम रखते ही चलचित्र सा घूम गया उस झीनी फ्रॉक वाली लड़की का चेहरा। कितनी नफरत करती थी चाची उससे,लाख समझाने पर भी न समझी। कोई आठ नौ बरस की ही होगी पर दादी की सेवा, झाड़ू, पोंछा, बर्तन सब तो करती पर चाची थी कि उनकी झिड़कियां ही न … Continue reading वितृष्णा – ऋतु यादव : Moral Stories in Hindi
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