विलास बहू (भाग-2) – संजीव जायसवाल ‘संजय’ : Moral stories in hindi
Post View 70 ‘‘तुमने फिर इतने सारे जेवर क्यूं पहन लिये?’’ बिना किसी भूमिका के विलास ने सीधा प्रश्न किया। ‘‘मांजी ने पहनाये हैं’’ आनंदातिरेक में डूबी मोहनी ने बताया। ‘‘मुझे उलझन होती है, उतारों इन्हें’’ विलास झल्ला उठा। ‘‘ये मांजी का आशीर्वाद और मेरे सुहाग की निशानी हैं ’’ नववधू सहम उठी। ‘‘तुम्हें अपना … Continue reading विलास बहू (भाग-2) – संजीव जायसवाल ‘संजय’ : Moral stories in hindi
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