उसे पिता मिल गया – डॉ कवि कुमार निर्मल

Post View 216 एक वृद्ध पागल ऐसा दिखता सड़क पर जैसे दिशाहीन लड़खड़ा कर चल रहा था। कभी कभी वह कोई खंभा देखता तो उसका सहारा ले कर कुछ पल ठहर जाता। एक सड़क के फुटपाथ पर बेंच की ओर दिखा तो कुछ लपक पर उसपर जा बैठा। अशोक उसे ध्यान से लगातार देखते हुए … Continue reading उसे पिता मिल गया – डॉ कवि कुमार निर्मल